Monday, January 17, 2022
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What is protein? | प्रोटीन क्या होता है और क्यों जरूरी है। प्रोटीन कितना खाना चाहिए।

What is protein? प्रोटीन क्या होता है?


प्रोटीन एक मिक्रोन्यूट्रिएंट्स है जो की मसल्स बनाने के लिए जरूरी होता है। यह मुख्यतः माँस, दाल, मेवों में पाया जाता है।
बॉडी में मुख्य तीन मिक्रोन्यूट्रिएंट्स होते है – प्रोटीन, फैट,और कार्बोहायड्रेट। micronutrints बॉडी को एनर्जी देते है। बॉडी को जीवित रहने के लिए इन न्यूट्रिएंट्स की पर्याप्त मात्रा में जरुरत होती है। एक ग्राम प्रोटीन में 4 कैलोरीज होती हैं।और बॉडी का 15% भार प्रोटीन से बना होता है।
Chemically प्रोटीन एमिनो एसिड्स होता है जिस में आर्गेनिक compound जैसे कार्बन,हाइड्रोजन,नाइट्रोजन ऑक्सीजन या सल्फर होता है। एमिनो एसिड्स प्रोटीन के bulding blocks होते हैं। जिस के द्वारा मांशपेशियों का निर्माण होता है।


What does protein do? प्रोटीन कैसे काम करता है?


जैसा की आप जानते हैं प्रोटीन एमिनो अम्ल से बना होता है। ये एमिनो अम्ल एक चेन में बंधे होते हैं जिसे पेप्टाइड्स कहते हैं। प्रोटीन बॉडी में जाने पर यह enzymes (protease) द्वारा peptides और फ्री एमिनो अम्ल में तोड़ दिए जाते हैं। ये एमिनो अम्ल रक्त में घुल जाते है। फिर प्रोटीन सिंथेसिस प्रोसेस से मसल्स रिपेयर और new मसल्स बनती है।


How much protein? प्रोटीन कितना खाना चाहिए।


The Institute of Medicine के अनुसार प्रतिदिन की कैलोरीज में 10-35% कैलोरीज प्रोटीन से मिलनी चाहिए। एक संतुलित भोजन में 0.8ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम बजन के हिसाब से नॉर्मल लोगो को लेना चाहिए। और एथलीट और बॉडीबिल्डिंग में 2ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम बजन के हिसाब से लेना चाहिए।


What is Complete or ideal proteins ? कम्पलीट प्रोटीन क्या होता है?


बॉडी में कुछ एमिनो अम्ल को खुद बनाती है लेकिन जरूरी एमिनो अम्ल को बीभोजन के द्वारा लेना पड़ता है। 21 एमिनो अम्ल बॉडी को जरुरत होती है जिसमें 12 बॉडी प्रोड्यूस करती है तथा 9 एमिनो अम्ल को बॉडी प्रोड्यूस नही करती इन 9 एमिनो अम्ल को एसेंशियल एमिनो अम्ल कहते हैं। जिनके नाम हैं- histidine, isoleucine, leucine, lysine, methionine, phenylalanine, threonine, tryptophan and valine.
जिन प्रोटीन सोर्स में ये सभी एसेंशियल अम्ल होते हैं उन्हें कम्पलीट प्रोटीन कहते हैं। और इन्हें ideal प्रोटीन भी कहते हैं। या फिर हाई quality प्रोटीन कहते हैं। जैसे मीट, दूध से बने प्रोडक्ट, चिया सीड्स, सोया प्रोटीन आदि।

बहुत से प्लांट बेस्ड प्रोटीन है जो की कम्पलीट प्रोटीन नही होते है जैसे बीन्स, अनाज और फलियां और सब्जियां। इनमे थोड़ा प्रोटीन होता है लेकिन एमिनो अम्ल पूरे नहीं होते है। इनकी एमिनो अम्ल की प्रोफाइल पूरी करने के लिए इन्हें बीन्स और चावल, मूंगफली का मक्खन और साबुत अनाज की रोटी, और मकारोनी और पनीर ऐसे संयोजन के साथ लेने पर पूर्ण प्रोटीन बनाते हैं।


What is the source of protein? प्रोटीन के सोर्सेज क्या हैं?


प्रोटीन के सोर्स मुख्यतः seafoods, दाल, अंडे,सोयाबीन, मेवे।
फलियां और दालें शाकाहारी लोगो के लिए अच्छा सोर्स होता है।
◾ 100 ग्राम बीफ में 26 ग्राम प्रोटीन होता है।
◾100 ग्राम दूध में 3-4 ग्राम प्रोटीन होता है
◾1 अंडे में 6 ग्राम प्रोटीन होता है।
◾ 2 चम्मच पीनट बटर में 8ग्राम प्रोटीन होता है।
◾ 100 ग्राम दाल में 24 ग्राम प्रोटीन होता है।
◾100 ग्राम सोया चंक्स में 48 ग्राम प्रोटीन होता है।

Fast facts on protein – प्रोटीन के कुछ तथ्य।


प्रोटीन मसल्स निर्माण और repair के लिए जरूरी है।
मुख्य प्रोटीन खद्य मीट, मछली,दूध,दाल,फलियां, और टोफू हैं।
प्रोटीन की कमी से बॉडी ग्रोथ रुक जाती है और immune सिस्टम कमजोर होता है।
ज्यादा प्रोटीन के इस्तेमाल से weight gain और लिवर की प्रॉब्लम हो सकती है।


Protein deficiency प्रोटीन की कमी के लक्षण।


◾ बॉडी ग्रोथ कम होना।
◾ मसल्स का बजन कम होना ।
◾Immune सिस्टम कमजोर होना।
◾हार्ट का कमजोर होना।
◾ साँस लेने में तकलीफ होना।
◾ उम्र से पहले जुर्रिया पड़ना।

प्रोटीन की अधिकता होने के लक्षण।


बॉडी में 2.5 ग्राम प्रति किलोग्राम बजन से ज्यादा लेने पर प्रोटीन की अधिकता हो जाती है। लंबे समय तक ज्यादा प्रोटीन लेने पर कुछ प्रोब्लेम्स होने लगती है जैसे
पानी की कमीं, थकान, मोटापा, पेट खराब होना,
बॉडी में फाइबर विटामिन्स, मिनरल्स की कमी होने लगती है।


क्या 300- 400 ग्राम प्रोटीन खाना safe है?


अगर कोई 300 ग्राम 400 ग्राम प्रोटीन खाता है तो liver के लिए अतिरिक्त नाइट्रोजन को यूरिया नामक waste उत्पाद में परिवर्तित करने के लिए कठिन बना सकता है। इससे साँस लेने में दिक्कत, दस्त और अन्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

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