Daliya nutrition | benefits of daliya in running

Daliya nutrition | benefits of daliya in running

December 18, 2018 Off By Noblerunner
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Daliya nutrition |benefits of daliya in running

शरीर में कमजोरी है ताकत और energy की कमी है। तो आप को एक बार भोजन में दलिया जरुर ट्राई करना चाहिये। दलिया को अंग्रेजी में broken wheat भी कहते हैं। जो कि गेंहू को दरदरी पीस कर बनाई जाती है। daliya nutrition में उच्च मात्रा में प्राटीन और विटामिन बी व फाइबर पाया जाता है। दलिया खाने से आपका पेट लंबे समय तब भरा रहता है। दलिया को अधिक पौष्टिक माना जाता है।

भारत में यह बहुत पुराने टाइम से ताकत और energy के लिए प्रयोग होता आ रहा है । जिन को भी यह खली पेट दलिया दिया जाता है, उन लोगों में energy का भंडार होता है । दलिया एनर्जी को धीरे-धीरे शरीर में पहुचाती है। जिस से पूरी energy workout के दौरान उपयोग हो जाती है। दलिया फास्फोरस मैग्नीशियम और आयरन अच्छी मात्रा में पाया जाता है ।

एक धावक को क्या चाहिए, बस बॉडी में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो, फैफड़े स्वस्थ हों और बॉडी का मेटाबॉलिक रेट height हो, और ढेर सारी energy। तो इन सब जरूरतों को daliya nutrition पूरा करता है। साथ ही दिनभर के लिए सारे जरूरी न्यूट्रिएंट्स और खनिजों की पूर्ति भी इससे हो जाती है।

तो अब जानते हैं दलिया (daliya nutrition) से धावकों को क्या क्या फायदे होते हैं।

Reduce body weight

दलिया (daliya nutrition) में कम फैट, कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होता है। कम कैलोरी और कम फैट से बजन कम होता है। साथ में फाइबर से पेट लम्बे टाइम तक भरा रहता है। क्यों की फाइबर शुगर में कन्वर्ट नहीं होता है।

इसलिए ये वजन कम करने के लिए बेहद अच्छा फ़ूड हैं। और दौड़ने वाले धावकों को वजन कम रखना होता है। अगर तेज और दूर तक दौड़ना है तो बजन कम होना बेहद जरूरी है।

Provide Energy

दिन भर के काम के लिए दलिया (daliya nutrition) ढेर सारी energy देता है। दलिया में energy के साथ फाइबर भी होता है। 1 कप दलिया खाकर विटामिन B1, B2, मिनरल्स, मैग्नीशियम, मैंगनीज़ जैसे न्यूट्रिएंट्स की पूर्ति की जा सकती है।

और इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं। जो शरीर से विषैले तत्वों को निकाल देते हैं। हाई एंटीऑक्सीडेंट होने से मेटाबोलिक सिस्टम मजबूत रहता है। इसमें मौजूद फाइबर की अधिक मात्रा अपच, कब्ज और एसिडिटी की समस्या नहीं होने देती।

और यही बो कारण है जिनकी वजह से energy की कमी हो जाती है। और इसका असर दौड़ के दौरान होता है।

Increase hemoglobin lavel

हीमोग्लोबिन यानि की रक्त या खून अगर इसकी कमी है निश्चित ही दौड़ में स्टेमिना की कमी हो जाती है। तो अगर स्टेमिना को फुल रखना है तो दलिया (daliya nutrition) को खाना चाहिए।

दलिया आयरन का बहुत ही अच्छा स्रोत है, जो शरीर के लिए जरूरी होने के साथ ही हीमोग्लोबिन भी बढ़ाता है। साथ ही शरीर के ताप और मेटाबॉलिज्म को भी बैलेंस करता है। और ऑक्सीजन और विटामिन्स को रक्त के साथ शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुचाता है।

Reduce bad cholesterol

तेज रुंनिंग के दौरान जल्दी हॉफ जाना और साँस फूलना इसका एक कारण कोलेस्ट्रॉल हो सकता है । और इसको कम करने के लिए दलिया एक अच्छा तरीका है। कोलेस्ट्रोल घटने का दलिये में एंटी-ऑक्सीडेंट और घुलनशील फाइबर मौजूद होते है। जो की बुरे कैलेस्ट्रोल को कम करता है। स्टाएर्च को हजम करने में मदद करता है।

शरीर में ब्लड शुगर लेवल भी मेन्टेन करता है| दलिया का सेवन करने से हार्ट रोग का खतरा भी कम हो जाता है | तो अगर heart को healthy रखना है। तो दलिया का सेवन बेहद जरूरी है।

Make Bone’s strong

रुंनिंग के लिए पैरो की हड्डियां मजबूत होनी चाहिए। जो की दौड़ के दौरान पूरे शरीर का बजन उठा पाये। daliya nutrition में कैल्शियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाये रखता है। और माश्पेसियों को भी मजबूत बनता है। तो अगर मजबूत हड्डियाँ चाहिए, तो दलिया का इस्तेमाल जरूर करें।

Daliya nutrition Full of protein

Running के बाद शरीर में पहुची छती और अंदरूनी चोटों को प्रोटीन के जरिये से ठीक किया जाता है। और दलिया (daliya nutrition) में ढेर सारा प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है।

जो बॉडी की मसल्स को बनाने में मदद करता है। जिसके फलस्वरूप ये ही टूटी हुई मसल्स को रिपेयर करता है।

Protect from diabetes

जैसे की रुंनिंग करने वालो को कई बीमारी जल्दी नहीं पकड़ पाती है। लेकिन अगर हम रोजाना दलिया को खायें,  तो इसमें पाये जाने वाले मैग्नीशियम टाइप-2 डायबिटीज की संभावना को 30% तक कम कर देते हैं।

दलियाा कब खानी चाहिए?

वैसे तो आप कभी भी खा सकते है। लेकिन दौड़ने वालों के लिए सबसे अच्छा समय जब पेट खली हो। अथार्थ सुबह के समय दलिया का उपयोग बहुत अच्छा होता है। सुवह खाने से पूरे दिन एनर्जी की कमीं नहीं होगी।

दलिया दौड़ने से पहले खाएं या बाद में?

तो दलिया दौड़ने के पहले तथा बाद में दोनों तरह से खा सकते है। दलिया में फाइवर होता है। जिसे पचाने में टाइम लगता है। तो अगर दौड़ने के पहले खाना है। तो दौड़ने से 1 घण्टे पहले खायें। और यदि बाद में खाना है। तो दौड़ने के एक घण्टे के बाद ही खायें।

दलिया नमकीन खाये या मीठा?

दलिया को दो तरह से बना सकते हैं। नमकीन तथा मीठा। अब दोनों में से कोई भी खाए। नमकीन दलिया में ज्यादा तेल और मसाले ना डालें। हींग व जीरे और नमक का उपयोग करें। और यदि मीठा बनाते है। तो फिर उसमें दूध व कम शुगर का उपयोग करें। जिस से अधिक फायदा मिलेगा।

दलियाा कितना खाना चाहिये?

इसे खाने में कोई limitation नहीं है। पेट भर कर खाना चाहिये। लगभग एक बड़ा बाउल।
दलिया को नियम से खाना चाहिये। जिस से दलिया से मिलने वाली (complex carbohydrate) एनर्जी बॉडी में स्टोर हो सके। लगातार खाने से इसका बेस्ट रिजल्ट लगभग 90 दिनों के बाद मिलने लगेगा।

तो ये कुछ वजह थीं, जिनके कारण से दलिया (daliya nutrition) धावकों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ बहुत ही पुराने टाइम से है। तो अगर शरीर में स्टैमिना की कमी है तो दलिया जरूर खायें। और इस लेख को अपने दोस्तों के साथ whatsapps, facebook पर शेयर करें। उनको ये जरूर पसंद आयेगा।

🇮🇳 jai hind

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