Wednesday, May 25, 2022
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20 best alkaline foods list | क्षारीय आहार कौन-2 से होते हैं?

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Below, there is a list of the 20 best alkaline foods:


Processed foods (पैकिट बंद), फ़ास्ट फूड्स और ज्यादा तेल वाले खाने से सबसे ज्यादा बॉडी का pH lavel को acidic बनाने का काम करता है। acidic बॉडी में ब्लड और मसल्स का pH मान 7 से कम हो जाता है। और ऐसी स्तिथि में बॉडी के रोग प्रतिरोधक (immune) पर गहरा प्रभाव पढ़ता है। मोटापा, कैंसर, और हृदय संबंधी रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। इस लिए जरूरी होता है बॉडी का pH मान 7 से ऊपर रहे। alkaline बॉडी में रोग होने की सम्भावना कम रहती है। तो क्या ऐसे फूड्स को खाये जिस से बॉडी alkaline रहे।

alkaline foods No-#1 – Spinach | क्षारीय आहार (पालक)


पालक एक हरी सब्जी है जो की बॉडी में फ्री रेडिकल्स कम करता है। याददाश्त को बढ़ाता है और हृदय को मजबूत करता है। पालक में कोलेस्ट्रॉल और फैट कम होता है लेकिन पालक में विटामिन्स A, C, K, B6, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, जिंक और नियासिन से भरपूर्ण होता है।


alkaline foods No-#2 – Lemons | क्षारीय आहार (नींबू)


नींबू में हार्ट स्ट्रोक को कम करने की छमता होती है। नींबू किडनी स्टोन को सही करने में भी मदद करता है। इसके ऊपर यह कैंसर, ब्लड प्रेसर और constipation को सही करता है। नींबू में पर्याप्त मात्रा में vitamins A, E, C और मिनरल्स में जिंक, कैल्शियम, पोटैशियम, कॉपर, और राइबोफ्लेविन पाया जाता है।


alkaline foods No-#3 – Quinoa | क्षारीय आहार (क्विनोआ)


यह प्रोटीन से भरपूर्ण और दोहरी मात्रा में फाइबर होता है किसी भी अन्य अनाज से। इसमें मैंगनीज, मैग्नीशियम, राइबोफ्लेविन, लाइसिन और आयरन पाया जाता है। जो की कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड शुगर लेवल को कम करता है।


alkaline foods No-#4 – Swiss chard | क्षारीय आहार (स्विस चार्ड)


Swiss chard ज्यादा ब्लड शुगर स्तर को कम कर हृदयवाहिनी हेल्थ को बेहतर बनाता है। यह वायरस, बैक्टीरिया और फ्री रेडिकल्स से लड़ता है।


alkaline foods No-#5 – Melon | क्षारीय आहार (तरबूज)


तरबूज बॉडी को में पानी के स्तर को बढ़ाता है टोक्सिन को बाहर करता है। इसका pH लावेल 8.5 होता है।


alkaline foods No-#6 – Olive oil | क्षारीय आहार (जैतून)


जैतून के तेल में एंटीऑक्सीडेंट, मोनो-अनसैचुरेटेड फैटी एसिड और विटामिन E पाया जाता है। यह ब्लड से शुगर लेवल को कम कर हार्ट संबंधी बीमारियों से बचाता है।


alkaline foods No-#7 – Bananas | क्षारीय आहार (केला)


केला में अधिक मात्रा में पोटैशियम, मैग्नीशियम, B विटामिन्स और मैंगनीज पाया जाता है। केला रक्त में शुगर के स्तर को घटाता है और हृदय को संरक्षित करता है।


alkaline foods No-#8 – Flaxseed | क्षारीय आहार (अलसी)

अलसी के बीज में फाइबर, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। अलसी के इस्तेमाल से सूजन को हटाया जा सकता है।


alkaline foods No-#9 – Cauliflower | क्षारीय आहार (गोभी)

गोभी में राइबोफ्लेविन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, थायमिन, मैंगनीज और विटामिन K पाया जाता है। यह सूजन को कम करने वाला और हार्ट हो स्वस्थ रखने वाला है।


alkaline foods No-#10 – Avocados | क्षारीय आहार (अवोकेडो)

Avocados कोलेस्ट्रॉल के स्तर को स्थिर करता है और यह फल और सब्जियों से न्युट्रिशन absorption (सोखना) की छमता को बढ़ाता है। Avocados में फाइबर, मोनो-अनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स पाया जाता है।


alkaline foods No-#11 – Grapes | क्षारीय आहार (अंगूर)


अंगूर चिंता तनाव और ब्लड प्रेसर को कम करने वाला होता है। यह प्रोस्टेट, कोलन और मुह के कैंसर से बचाता है।


alkaline foods No-#12 – Carrots | क्षारीय आहार (गाजर)


इसमें बीटा-कैरोटीन पाया जाता है जो की दिमाग और दृष्टि की कार्य छमता को बढ़ाता है। यह फ्री रेडिकल्स को कम करता है। गाजर में फाइबर, पोटैशियम, आयरन, और विटामिन K, A, C और B8 भरपूर्ण मात्रा में होता है।


alkaline foods No-#13 – Broccoli | क्षारीय आहार (ब्रोकली)


ब्रोकली न्युट्रिशन की खांद मानी जाती है। यह रक्त संचार को ठीक करती है। यह हृदय के लिए अच्छी होती है। और कैंसर से लड़ती है। इसमें भरपूर्ण मात्रा में फाइबर, कॉपर, पोटैशियम और विटामिन्स K, B6, C और E होता है।


alkaline foods No-#14 – Berries | क्षारीय आहार (जामुन)


यह क्षारीय प्रवत्ति का फल है जो की स्किन और हेल्थ के लिए अच्छा है। यह बढ़ती उम्र का थमता है और मेमोरी को sharp (तेज) करता है।


alkaline foods No-#15 Kiwi | क्षारीय आहार (कीवी)


Kiwi एक ऊंचे स्तर का छारीय फल है। क्यों की इसमें बहुत सा एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और खनिजो की अधिकता होती है। इसमें फाइबर, पोटैशियम, और संतरे से 5 गुना ज्यादा विटामिन C होता है। ये सभी हेल्थ को और बेहतर बनाते हैं।


alkaline foods No-#16 Sweet Potato | क्षारीय आहार (शकरकंद)


हालांकि शकरकंद में स्टार्च होता है लेकिन शकरकंद एक क्षारीय तत्वों को बढ़ाने वाला फल भी है। जो की साथ में फाइबर, विटामिन्स और मिनिरल्स भी देता है। क्यों की इसमें फाइबर होता है इस लिए यह रक्त में शुगर की मात्रा को कम करता है।


alkaline foods No-#17 Pineapple | क्षारीय आहार (अनानास)


अनानास एक क्षारीय फल है। क्यों की इसमें ब्रोमेलीन पाया जाता है जिसे पाचक रसायन (digestive enzyme) भी कहते है। यह आंतो में मोजूद बेक्टिरिया को ख़त्म करता है।


alkaline foods No-#18 Strawberries | क्षारीय आहार (स्ट्रॉबेरीज)


स्ट्रॉबेरीज मर एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन C और महत्वपूर्ण मैगनीज पाया जाता है। जो की मेटाबॉलिक प्रोसेस को रेगुलेट करता है। यह एक क्षारीय फल है।


alkaline foods No-#19 Apples | क्षारीय आहार (सेब)


सेब को दुनिया का सबसे हेल्थी फल माना जाता है। क्यों की इसमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स विटामिन C, फ्लेवोनॉयड पाया जाता है जो की बॉडी clean (अंदर से साफ़) करता है कैंसर, कोलेस्ट्रॉल, और ब्लड प्रेसर को संतुलित करता है। यह एक क्षारीय फल है। और सेव का सिरका का प्रयोग खूब किया जाता है।


alkaline foods No-#20 Gourd | क्षारीय आहार (लौकी) –


वैसे तो घरों में बच्चे लौकी को खाना पसंद नही करते पर लौकी में ढेर सारे विटामिन्स और मिनिरल्स पाये जाते है। लौकी की प्रवत्ति क्षारीय होती है। यह रक्त में एसिड की मात्रा को कम कर हार्ट-स्ट्रोक के चांस को कम कर देता है।


alkaline foods No-#21 Beet roots | क्षारीय आहार (चुकन्दर)-


चुकन्दर रक्त से एसिड को कम कर एथलीट प्रदर्शन को बढ़ाता है। यह क्षारीय होता है। और इसमें भरपूर्ण मात्रा में नाइट्रिक ऑक्साइड पाया जाता है जो की ब्लड फ्लो को बढ़ाता है।

कैल्शियम क्यों जरूरी है? कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) क्या हैं?

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कैल्शियम क्या होता है?


कैल्शियम बॉडी में सबसे जरूरी कंपाउंड है। 99% से भी ज्यादा कैल्शियम हमारी हड्डियों में दांतो में संरक्षित रहता है। जो की तंत्रका तंत्र को बनाता है। और बाकी का कैल्शियम बॉडी की जरूरी क्रियाओं में मदद करता है। जैसे मांसपेशी संकुचन, रक्त वाहिका संकुचन और विस्तार, और तंत्रिका तंत्र की मदद से सन्देश का आदान-प्रदान करना।

कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या हैं?

🔸मसल्स क्रेम्पस
🔸भूख कम होना
🔸नाखून कमजोर होना
🔸तनाब, चिंता, भ्रम होना।
🔸दांतो का कमजोर होना।
🔸बच्चो की ग्रोथ रुकना।
🔸हड्डियों में दर्द और फ्रैक्चर।

कैल्शियम हेल्थ के लिए बहुत ही जरूरी है ।
बॉडी में मिनिरल्स के रूप में सबसे ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है। यह यह हड्डियों, दांत, दिल के लिए और मसल्स फंक्शन और नर्व सिग्नलिंग के लिए काम आता है।

हमारी बॉडी को हर रोज 1000 mg कैल्शियम की जरूरत होती है। और बच्चो को 1300mg कैल्शियम चाहिए होता है जिस से उनका शरीर विकास कर सके।

बहुत सारे लोगो की खाने से पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम नहीं मिल पाता है। जिस से मसल्स और हड्डीयाँ कमजोर होने लगती हैं।
कैल्शियम का सबसे बड़ा स्रोत दूध और दूध से बने प्रोडक्ट होते हैं। जैसे- पनीर, दही। कुछ और भी पदार्थ है जिनमे कैल्शियम पाया जाता है। जैसे- हरी सब्जियां, दाल, मेवे इत्यादि।

आज इस आर्टिकल में कुछ ऐसे source के बारे में बताएँगे जो की कैल्शियम की कमी को पूरा करते हैं।

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) बीज-

बीज एक छोटे से पैक में बहुत से न्युट्रिशन का खजाना होता है। कुछ बीज में खूब सारा कैल्शियम होता है जैसे- खसखस, तिल, अजवाइन और चिया के बीज।

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) खास-खस-

खस-खस की एक चम्मच (9ग्राम) में 126mg कैल्शियम होता है जिस से दिन की जरूरत का 13% कैल्शियम की पूर्ती होती है। बीजो में हेल्थी प्रोटीन और हेल्थी फैट भी होता है। इसके अलावा चिया के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जाता है।

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) तिल के बीज –

तिल की एक चम्मच में दिन की 9% कैल्शियम की पूर्ती होती है इसके साथ और भी मिनिरल्स जैसे कॉपर, आयरन, और मैग्नीशियम भी होता है।

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) दही –

दही एक बहुत अच्छा साधन है कैल्शियम का और साथ में इसमें probiotic bacteria होते है जिस से हेल्थ में और भी फायदे मिलते हैं।
एक कप दही से दिन की कैल्शियम की जरूरत का 30% मिल जाता है और इसके साथ फॉस्फोरस, पोटैशियम और विटामिन्स B2 और बिटामिन B12 भी मिलता है जो की हड्डियों के लिए जरूरी हैं।

कम फैट वाले दही में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा होती है एक कप के लगभग 45% (RDI) कैल्शियम।
दही खाने की और भी फायदे होते है इसमें प्रोटीन भी होता है।
दाल और फलियाँ में high फाइबर, प्रोटीन, और मिक्रोन्यूट्रिएंट्स पाया जाता है और इसके साथ बहुत सा आयरन, जिंक, मैग्नीशियम और पोटैशियम भी पाया जाता है।

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) सफ़ेद सेम –

सफ़ेद सेम में कैल्शियम पाया जाता है। एक कप पके हुए सफ़ेद सेम में दिन की जरूरत का 13% कैल्शियम की पूर्ति होती है। और अलग दालों से दिन की जरूरी का 4%-6% कैल्शियम की पूर्ति होती है।
दाल न्युट्रिशन से भरपूर्ण होते है। इस से बुरा केलोस्ट्रोल कम होता है। और टाइप -2 शुगर की संभावना कम होती है।

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) बदाम –

लगभग सभी नुट्स में बहुत सा कैल्शियम होता है। 22 बादाम खाने से 8% दिन की जरूरत का कैल्शियम मिल जाता है।
इतने बादाम से 3 ग्राम फाइबर, हेल्थी फैट और प्रोटीन भी मिलता है। इसके साथ साथ मैग्नीशियम, मैंगनीज और विटामिन E मिलता है।
नुट्स खाने से ब्लड प्रेसर और मोटापा कम किया जा सकता है। और यह मेटाबोलिक बीमारी से छुटकारा मिल सकता है।

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) व्हेय प्रोटीन-
व्हेय प्रोटीन दूध से बनता है और इसके बहुत से फायदे हैं। यह प्रोटीन का अच्छा सोर्स है जो की मसल्स में तुरंत अब्सॉर्ब होता है।


बहुत से शोधों से पता चला है व्हेय प्रोटीन बजन को कम करता है और ब्लड शुगर को कम करता है।

व्हेय प्रोटीन में कैल्शियम भी पाया जाता है 28 ग्राम की व्हेय प्रोटीन स्कूपइ 200mg कैल्शियम होता है जो की दिन की जरूरत का 20% कैल्शियम होता है।

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) हरी सब्जियां –

गेहरी हरी सब्जियों न केवल स्वस्थ के लिए अच्छी हैं बल्कि इसमें कैल्शियम भी पाया जाता है।
पालक हरी सब्जियों में सबसे अच्छा सोर्स है। एक कप पालक से दिन की जरूरत का 25% कैल्शियम की पूर्ति की का सकती है

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) अंजीर –

सूखे अंजीर में सभी मेवें में ज्यादा कैल्शियम होता है। 28 ग्राम अंजीर में दिन की जरूरत का 5% कैल्शियम मिलता है। सूखे अंजीर में पोटैशियम एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और विटामिन K पाया जाता है।

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) दूध –

दूध सबसे सस्ता कैल्शियम का स्रोत है।
गाय के 237 ml दूध में 276-352mg कैल्शियम होता है। फुल क्रीम दूध में ज्यादा कैल्शियम होता है दूध में प्रोटीन, विटामिन A और विटामिन D भी पाया जाता है। बकरी के दूध में कैल्शियम पाया जाता है। एक कप बकरी के दूध में 327 mg कैल्शियम पाया जाता है।

कैल्शियम युक्त खद्य (calcium source) छोला –


छोला कैल्शियम की पूर्ति का अच्छा आहार है इसके 1.5 कप से 315mg कैल्शियम मिल जाता है।



Why Is To Wear Proper Shoes For Running | दौड़ के लिए अच्छे रनिंग शूज क्यों जरूरी हैं।

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Why Is To Wear Proper Shoes For Running – दौड़ के लिए अच्छे रनिंग शूज क्यों जरूरी हैं।


चाहे आप वर्कआउट करते हों या फिर running, walking, खेल, जिम जाते हों स्पोर्ट्स के shoes (जूते) होना जरूरी है। यह आपको कई तरह की injury (चोट) से बचाता है। अच्छे स्पोर्ट्स shoes पर थोड़ा खर्चा करने पर यह आपके पैर, ऐड़ी (ankle) को चोटिल (damage) होने से बचाता है और यह स्पोर्ट्स शूज को पहनने से पैरो को खास आराम मिलता है।


Proper Shoes For Running # Types of Running Shoes


बाजार में कई तरह के स्पोर्ट्स shoes (जूते) उपलब्ध हैं। और हर तरह की एक्सरसाइज के लिए मौजूद हैं। running shoes में दौड़ से पढ़ने वाले झटके (shock) को कम करने की छमता होती है। ये बजन में बिलकुल हलके होते हैं। इनका अगला (front) का हिस्सा लचीला होता है और साइड से थोड़ा लचीला होता है। इसमें मौजूद cushion (मुलायाम गद्दा) पैरो को दौड के दौरान स्थिर करता है, अंदर और बहार की तरफ पैरो को जुकने नही देता है। और पैरो को थकने से बचाता है। टेंनिस शूज का सोल और जूता बहुत ही flexible (लचीला) होता है। जिस से खेल के दौरान पैर आराम से मुड़ (bend) सके। जब की बॉस्केटबॉल में शूज का सोल मोटा होता है जिस से पैरो को अतरिक्त (extra) सुरक्षा (protection) मिल सके। और उछाल मारने पर ऐड़ी और पैर पर असर न पढ़ें। जब की क्रॉस ट्रेनिंग के लिए जूते मैजूद है जो बहुत से तरीके के एक्सरसाइज में मदद करते हैं।


Proper Running shoes से grip (पैरो में पकड़) और protection (संरक्षण) मिलना चाहिए। जूते के डिजाईन और सोल पर ध्यान दे। जिस से यह shock (झटके) को absorb (सोख) सके। और पैरो को एक जगह स्थिर कर pronation (जुकाओ) से बचा सके।

Proper Shoes For Running को खरीदने से पहले किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए?


The American Orthopaedic Foot & Ankle Society के अनुसार जूते ऐसे खरेदें जो की आपके sports (खेल) के अनुसार हों। और उसी के अनुसार सोल (जूते का तलवा) को चुने।
चलो अब शरू करते है सबसे जरूरी बातों पर जिनको ध्यान रखना है जूता खरीदते समय शूज पैरो में न तो छोटा हो और न ही बढ़ा हो और न ही सकरा (nerro) हो। क्यों की इस तरह के शूज में असहजता (discomfort) महसूस होता है और बड़े जूते में ऐड़ी पर रगड़ पड़ती है जिस से छाले पड़ जाते हैं। इस लिए जूते खरीदने से पहले ट्रेडमील पर दौड़ कर देख लें।
The McKinley Health Centre के अनुसार जूते कभी भी वर्कआउट के बाद या फिर शाम को नही लेने चाहिए क्यों की इस टाइम पैरो का आकार नॉर्मल से ज्यादा होता है।
जूते में 1-1.5 cm का अंगुलियों के आगे खाली जगह होनी चाहिए जिस से वर्कआउट और running से पैरो में सूजन के समय जूता आरामदायक रहे।


ध्यान रखे की जूते में एड़ी फिसल नहीं रही हो। जूता छोटा नहीं होना चाहिए, लेकिन यदि आपकी एड़ी बाहर फिसलती रहती है, तो आपको दूसरे जूते को try करना चाहिए।
जूते में lacing (फीता) बांधने के कई जगह होने चाहिए जिसे अपने पैर के अनुसार फिट किया जा सके। और जूतों को ज्यादा कस कर (tight) रक्त संचार (blood flow) को कम न होने दे।


Proper Shoes For Running (जूते) में पर्याप्त मात्रा में हवा रहनी चाहिए। जो की पैरो को पसीने फिसलन से बचाता है। और बॉडी का तापमान भी करने में मदद करता है।
Running shoes ज्यादा flexible (लचीला) नही होना चाहिए। ज्यादा लचीले जूते में पैरो को कम support मिलता है।

Benefits of a Proper Shoe


अच्छे जूते से न केवल केवल आम चोटों (injuri) से बचते हैं बल्कि यह शरीर के भारी बजन का पैरो पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करता है। साथ में प्रदर्शन को भी बेहतर करता है।

Proper Shoes For Running to prevent Injuries


ख़राब तरह के जूतों के साथ दौड़नें पर बहुत सी चोटें उभरती है। इनमे से कुछ बहुत ही खतरनाक होती हैं।ऐड़ी में चोट आना, घुटने इ दर्द और फ्रैक्चर होना जैसी समस्याये गलत तरह के जूते से हो सकती है।

Replacing Your Shoes



Running shoes को 5-6 महीने बाद जरूर बदल देना चाहिए। क्यों की running से जूतों का सोल का शेप ख़राब हो जाता है और कठोर हो जाता है। जिस से दौड़ में असामान्य दबाब पैरो पर पड़ता है।

Do You Need to Spend a Lot of Money?



अपने बजट के अनुसार एक अच्छा सूज लें और किसी अच्छे ब्रांड का शूज लें। जो की ख़ास धावकों की जरूरत को ध्यान में रख कर डिज़ाइन किया जाता है। अगर बजट कम है तो एक बार अच्छे ब्रांड पर खर्च करके देखे फर्क पता चल जायेगा। एक अच्छा जूता दौड़ में कितना अहमियत रखता है।

Top 10 Best Testosterone Supplements in India

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Top 10 Best Testosterone Supplements in India for 2022


टेस्टोस्ट्रोन प्राकृतिक तौर पर बॉडी में बनता है। टेस्टोस्टेरोन लिबिड़ो, लीन मसल्स, मजबूत मसल्स, सहनशक्ति और रिकवरी में हेल्प करता है। testosterone supplements प्राकृतिक तरीके से बॉडी में testosterone के स्तर को बढ़ाता। और ये सभी supplements पूरी तरह सुरक्षित हैं।


हम testosterone steroids जैसे supplements को बिलकुल भी प्रमोट नहीं करते क्यों की इसके बहुत से साइड इफेक्ट्स होते हैं।

जब भी सुप्पलीमेंट्स को खरेदें तो जो भी genuine विक्रेता हो जो आपको सुप्पलीमेंट्स का पक्का बिल भी दें उनसे सुप्पलीमेंट्स को खरीदें। क्यों की बाजारों में suppliments के नाम पर फर्जी सुप्पलीमेंट्स बेचे जा रहे हैं। तो खरीदेने से पहले खूब रिसर्च कर लें। तब ही सुप्पलीमेंट खरेदें। क्यों की यह आपकी हेल्थ से जुड़ा मामला है।


बहुत कम ऑनलाइन स्टोर पर टेस्टोस्टेरोन सुप्पलीमेंट्स मिल जाते हैं। उनमेसे बहुत से प्रोडक्ट इंटरनेशनल होते है जो की भारतीय बाजार में नही होते है।
इस आर्टिकल में आपको दस ऐसे testosterone booster supplements बताएँगे जो की बोडीबिल्डर्स उपयोग कर अपने रिव्यु से साफ़ किये है कि ये supplements testosterone को boost करते हैं।

Universal Nutrition Animal Test


  • यह बहुत ही प्रभावी और शक्तिशाली प्रोडक्ट है। इसका काम testosterone के स्तर को बढ़ाना और एस्ट्रोजन के स्तर को कम करना है। एस्ट्रोजन जो की बोडीबिल्डर्स के लिए घातक है। animal test में शक्तिशाली अर्चिडोनिक एसिड और प्राकृतिक जड़ी बूटियाँ होती है जो की testosterone को boost करती हैं। अगर आप testosterone level को बढ़ाने के लिए गंभीर है और तेजी से मसल्स बढ़ाना चाहते हैं तो Universal Nutrition Animal Test testosterone booster supplements की 3-6 सप्ताह की cycle जरूर लेनी चाहिये।

Cellucor P6

  • Cellucor P6
    Cellucor P6 testosterone booster 3 in 1 का फार्मूला है। यह न सिर्फ टेस्टोस्टरोन बढ़ाता है बल्कि यह एस्ट्रोजन को ब्लॉक करता है और DHT कन्वर्शन को कम करता है। इसे इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है कि यह libido, मजबूती को बढ़ाता है और लीन मसल्स को भी बढ़ाता है।

Optimum Nutrition ZMA

Optimum Nutrition ZMA
यह जिंक जिंक मोनोमेथिओन एस्पार्टेट, मैग्नीशियम एस्पार्टेट और विटामिन B6 टेस्टोस्टेरोन और मसल्स बिल्ड को बढ़ाने में मदद करता है। Optimum Nutrition ZMA सहनशक्ति को बढ़ाता है और बेहतर क्वालिटी की नींद आती है।इन तीनो के कॉम्बिनेशन से मजबूती रिकवरी और रिकवरी में अच्छा परिणाम मिलता है। यह भारतीय बोडीबिल्डर्स के बीच काफी प्रसिद्ध है।

MuscleTech ANOTEST


MuscleTech ANOTEST
यह बस्तविकता में testosterone boosting formula है जो की भारत में उपलब्ध है। आप इस फॉर्मूले तो टेबलेट के रूप में ले सकते हैं। आपको इस पावरफुल सुप्पलीमेंट्स की सिर्फ 15 गोलियाँ लेनी होंगी जिस से आपको एनाबोलिक पावर मिलेगा। ANOTEST की एक टेबलेट में 3.12 gram D-Aspartic acid मिलेगा। जिस से 40% testosterone हार्मोन्स बढेगा। और 30% से ज्यादा luteinizing हार्मोन्स बढेगा।

Muscle Pharm ZMA MAX

Muscle Pharm ZMA MAX
Muscle Pharm ZMA MAX एक मेथी के साथ एनाबॉलिक मिनरल सपोर्ट फॉर्मूला एक चार चरण टेस्टोस्टेरोन उत्तेजक प्रणाली है जो की टेस्टोस्टेरोन और मसल्स ग्रोथ को बढ़ाता है। और एस्ट्रोजन को दबाता है। यह अंदरूनी चोटों, ऊतकों की मरम्मत और टेस्टोस्टरोन और हेल्थी लिबिड़ो को बढ़ाता है।
Muscle Pharm ZMA MAX

BSN EvoTEST

BSN EvoTEST
Evo TEST इंडिया में पाउडर और टेबलेट दोनों फॉर्म में मिलता है। इसका पाउडर फॉर्म ज्यादा उपयोग किया जाता है। इसका स्वाद अच्छा होता है और यह टेबलेट की तरह गले में फसता भी नही है। इसे आसानी से निगला जा सकता है। Evo TEST में D-aspartic acid और मैग्नीशियम ऑक्साइड पाया जाता है। इस प्रोडक्ट में गोक्षुरा का का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। बल्की अन्य अद्वतीय चीजो की मिला कर बनाया जाता है। और यह टेस्टोस्टेरोन को काफी बूस्ट करता है।
BSN EvoTEST L

Nutrex T-UP Black

Nutrex T-UP Black
साइंटिफिक proved T-UP ब्लैक टेस्टोस्टेरोन बूस्टर के साथ बिस्फोटक मांसपेशियों को बढ़ाने वाला होता है। यह सोडियम डी-एसपारटिक अम्ल से भरा हुआ है जो आपके टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने का काम करता है। जो की सहनशक्ति और मजबूती को बढ़ाता है। इसमें और भी कंटेन्ट हैं। जैसे विटामिन B 6, फोलिक एसिड और विटामिन B12 सोडियम डी-एसपारटिक अम्ल के साथ काम करते हैं ताकि आपकी मसल्स की मजबूती को बढ़ाया जा सके। लिक्विड फॉर्म जल्दी और बेहतर तरीके से अवशोषण होता है। बेहतर सहनशक्ति और मांसपेशियों के लिए इसे उपयोग करें।

Twinlab ZMA Fuel
Twinlab ZMA Fuel एक नेचुरल testosterone booster को उपलब्ध करता है। जो की मसल्स पावर, मजबूती और मसल्स ग्रोथ को बढ़ावा देता है। यह सुप्पलीमेंट्स टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने का एक बहुत ही ख़ास औए प्राकृतिक तरीका है जिसमे जिंक और मैग्नीशियम भी होता है। यह प्रोडक्ट ग्लूटन फ्री भी होता है।
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ESN Alpha Male AM
यह सुप्पलीमेंट न केवल टेस्टोस्टेरोन बढ़ाता है बल्कि यह आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है इसमें पाये जानेवाले एक्सट्रेक्ट है- guarana extract, piper nigrum, beta phenylethylamine, bacopa monneria, safed musli, fulvic acid और भी सुब्स्टेन्स होते हैं। जिस से एक सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास पैदा करता है। यह खासतौर पर पुरुषो के लिए होता है।


MetRx Hardcore ZMA
कठिन परिश्रम से बॉडी से जरूरी मिनरल्स कम हो जाते है। Met-Rx ZMA उन्हें फिर से रिलोड करता है। इस सुप्पलीमेंट्स में जिंक, मैग्नीशियम और विटामिन B6 का अदभुद कॉम्बिनेशन होता है। जो की आसानी से बॉडी में अवशोषित कर लिया जाता है।
यह आपको हेल्थी टेस्टोस्टेरोन लेवल को हेल्थी रखता है, एनर्जी प्रोडक्शन, मसल्स संकुचन और मेटाबोलिज्म को भी मेन्टेन करता है।

Top Supplements For Faster Muscle Gain | बॉडी बनाने के लिए टॉप सप्लीमेंट

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Top Supplements For Faster Muscle Gain

अगर आप मसल्स बनाने की तैयारी कर रहे हैं और आपको रिजल्ट नहीं मिल पा रहा है तो इस आर्टिकल को आप पढ़ें जिसमें मैंने टॉप मसल्स बिल्डिंग सप्लीमेंट्स के बारे में बताया है जिनको आप यूज कर अपनी मसल्स को बहुत ही फास्ट ग्रोथ कर सकते हैं
बॉडी बिल्डिंग में कोई भी शॉर्टकट नहीं होता है लेकिन सही एक्सरसाइज और उससे भी जरूरी सही न्यूट्रीशन आपको जल्दी सफलता दिला सकता है।
जब आप बॉडीबिल्डिंग के लिए जाते हैं और मसल्स ग्रोथ करना चाहते हैं तो आपको कुछ ऐसे सप्लीमेंट( Supplements For Faster Muscle Gain) लेने होंगे जो कि आपके वर्कआउट की क्वालिटी को बढ़ा है और रिकवरी और मसल्स ग्रोथ को जल्दी ही करें जिससे कि आप जल्दी वेट गैन कर सके और लीन मसल्स पा सके।

Supplements For Faster Muscle Gain – WHEY PROTEIN

मसल्स ग्रोथ करने के लिए सबसे जरूरी होता है प्रोटीन क्योंकि जब तक आपकी बॉडी में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिलता है जब तक बॉडी अनाबॉलिक स्टेट में नहीं आती है अनाबॉलिक स्टेट में आने पर बॉडी में मसल्स ग्रोथ आने लगता है लेकिन उसके लिए आपको पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन चाहिए होगा तो वर्कआउट के बाद आपको व्हे प्रोटीन का उपयोग जरूर करना चाहिए जिससे मसल्स रिकवरी और मसल्स ग्रोथ की प्रोसेस तेज हो सके।

BENEFITS OF WHEY PROTEIN SUPPLEMENTATION व्हेय प्रोटीन के फायदे क्या क्या हैं

🔹अब मैं बताऊंगा आपको वे प्रोटीन क्यों लेना चाहिए क्योंकि यह बहुत ही जल्दी absorb होता है और बहुत ही आसानी से डाइजेस्ट होता है। और इस में leucine एमिनो की मात्रा ज्यादा होती है।

🔹यह मसल्स मॉस को बहुत तेजी से बढ़ाता है स्पेशली जब आप इसे पोस्ट वर्कआउट लेते हैं।

🔹तो बॉडी बिल्डिंग में लीन मसल्स गैन करने के लिए डेटिंग करनी पड़ती है और इसमें वे प्रोटीन

आपकी मदद करता है क्योंकि यह आपकी भूख को कंट्रोल करता है और आपको भरा हुआ महसूस रहता है इसमें ज्यादा मात्रा में फैट कम होता है

⏺अगर बात की जाए डोज की इसके तो 20 से 30 ग्राम व्हे प्रोटीन आपको एक टाइम में लेना चाहिए चाहे आप उसे वर्कआउट के पहले लें और बाद में या फिर आप इसे अपनी मील की जगह रिप्लेस कर सकते हैं लेकिन वे प्रोटीन या फिर किसी भी प्रोटीन को आप अपने प्रायमरी प्रोटीन सोर्स में ना रखें यह सिर्फ आपकी प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए यूज करना चाहिए बाकी आप अपनी डाइट से कंप्लीट करें।

शाकाहारी बॉडीबिल्डर इन चीजों को खा कर बनाते हैं बॉडी

बॉडी बनाने के लिए टॉप सप्लीमेंट (BCAA) ब्रांच चैन एमिनो एसिड

यह एक अलग मसल्स बिल्डिंग सप्लीमेंट होता है जो कि बॉडीबिल्डर्स और वेटलिफ्टर की परफॉर्मेंस को बढ़ाते हैं ब्रांच एंड अमीनो एसिड्स (Leucine, Isoleucine, Valine) सभी एमिनो में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं जो की प्रोटीन सिंथेसिस को बढ़ाकर प्रोटीन को जल्दी मेटाबॉलाइज करता है। जिस से यह ज्यादा प्रोटीन का उपयोग कर पता है और ज्यादा मसल्स को बना पता है।इस लिए बॉडीबिल्डर bcaa युक्त प्रोटीन सुप्पलीमेंट्स का उपयोग करते हैं।

BENEFITS OF BCAA SUPPLEMENTATION ब्रांच चैन एमिनो एसिड के फायदे

🔹Increased levels of muscle protein synthesis इससे मसल्स ग्रोथ बहुत फास्ट होता है क्योंकि यह सीधे मसल्स में जाकर absorb होता है।

🔹BCAA के लगातार इस्तेमाल से वर्कआउट के दौरान मसल्स डैमेज कम होता है।

🔹वर्कआउट के बाद BCAA के इस्तेमाल से आपको मसल्स में दर्द जलन बहुत कम होगा।

🔹BCAA के इस्तेमाल से आपका इंड्योरेंस लेवल इंक्रीज होता है।

⏺अगर बात की जाए तो डोज़ की तो 2-6 ग्राम एक्सरसाइज के पहले या फिर एक्सरसाइज के साथ में आप इसे ले सकते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार Leucine, Isoleucine 2:1 के अनुपात में बहुत ही फायदेमंद होता है। जिससे एंडोरेंस पावर इंक्रीज होती है जो कि रनर्स एथलीट्स के लिए काफी जरूरी होता है।

Supplements For Faster Muscle Gain – BETA-ALANINE | बॉडी बनाने के लिए टॉप सप्लीमेंट बीटा एलेनिन

Beta alanine वैसे तो यह नॉन एसेंशियल होता है क्योंकि जो आप प्रोटीन रिच फूड खाते हैं उन्हीं मैं आपको यह मिल जाता है। इसी से बॉडी में carnosine लेवल बढ़ाता है जिससे परफारमेंस इंक्रीज होता है आपको जल्दी थकान नहीं होगी। बीटा-एलानीन के लागातार इस्तेमाल से carnosine लेवल 60% तक बढ़ जाता है। बह भी सिर्फ 6 हफ़्तों में। बीटा -एलानीन एक buffer के रूप मे काम करता है जोके आपको बहुत देर तक वर्कआउट करने में मदद करता है। यह लेक्टेट को शरीर में बनने ही नहीं देता है।

प्रोटीन पाउडर को टक्कर देनेवाल घरेलू प्रोटीन

BENEFITS OF BETA-ALANINE SUPPLEMENTATION बीटा एलेनिन के क्या क्या फायदे हैं?

🔹Beta-alanine जल्दी थकान नहीं होने देता है।

🔹beta alanine इस्तेमाल से longtime वर्कआउट कर पाएंगे

🔹 बीटा-एलानीन से पावर प्रोडक्शन होता है जिससे आप हर हैवीवेट उठा पाएंगे।

🔹इसके इस्तेमाल से मसल्स डेवलपमेंट प्रोसेस तेज होती है

🔹इसके इस्तेमाल से एंडोरेंस लेवल हाई होता है

🔹बीटा-एलानीन के साथ creatine का इस्तेमाल से क्रेटीन का फायदा और भी ज्यादा मिलता है।

⏺अगर बात करें इसके डोज़ तो 4-6 ग्राम प्रति दिन लेना चाहिए जिससे आपको ज्यादा फायदा मिलेगा। और आप इसे कभी भी ले सकते हैं।

Supplements For Faster Muscle Gain – CREATINE | बॉडी बनाने के लिए टॉप सप्लीमेंट क्रेटीन

Creatine नेचुरल आपकी बॉडी के अंदर diet के जरिए से मिल जाता है। क्योंकि यह हमारी बॉडी में एनर्जी का प्रायमरी सोर्स होता है जिसके द्वारा हम पलके बंद करते हैं। जब फूड्स को चबातेहैं और बहुत सारी movement जो कि इसी फास्फेट यानी कि ceatine phoshphet एनर्जी से पाते हैं। क्रेटीन का सबसे ज्यादा प्रसिद्द प्रोडक्ट क्रेटीन monohydret होता हैं।

BENEFITS OF CREATINE SUPPLEMENTATION क्रेटीन सप्लीमेंट के क्या क्या फायदे हैं?

🔹 प्रोटीन के इस्तेमाल से लीन मसल्स गैन होता है। तथा यह ट्रेनिंग में स्ट्रैंथ बढ़ाता है

🔹इसके इस्तेमाल से मसल्स स्ट्रेंथ इंक्रीज होता है।

🔹वकआउट के बाद मसल्स दर्द को कम करता है तथा मसल्स में होने वाली जलन को कम करता है।

🔹इसके इस्तेमाल से रक्त संचार सही से होता है।

🔹इसके इस्तेमाल से एथलीट परफारमेंस इंक्रीज होता है।

⏺अगर बात करें इसके डोज की तो ऐसे तो इसे दो तरह से उपयोग किया जाता है एक होता है लोडिंग फेज और एक नॉर्मलहोता है। लोडिंग फेज में 25- 25 ग्राम creatine 5 दिनों तक दिया जाता है और फिर 3 से 5 ग्राम प्रति दिन लिया जाता है और वही अगर आप नॉर्मल लेते हैं तो शुरू से ही 5 ग्राम प्रति दिन 25 दिनों के बाद इसका प्रभाव आने लगता है।

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Supplements For Faster Muscle Gain – CAFFEINE | बॉडी बनाने के लिए टॉप सप्लीमेंट कैफीन

कैफीन एक ऐसा सब्सटेंस है जिसे अगर आप वर्कआउट से पहले लेते हैं तो यह workout के दौरान होने वाले दर्द को महसूस नहीं होने देता है। यह थकान और वर्कआउट के बाद मसल्स दर्द को कम करता है। कैफीन फैट एनर्जी में बदलकर fat burn करने में भी मदद करता है।

BENEFITS OF CAFFEINE SUPPLEMENTATION कैफीन के क्या क्या फायदे हैं?

🔹Caffein एक्सरसाइज करने के लिए प्रेरित करता है।

🔹इसके इस्तेमाल से आपको जल्दी थकान नहीं होगी।

⏺ अगर बात की जाए इसके डोज़ की तो एक्सपर्ट के अनुसार 1.36mg से 2.5mg पर पाउंड बॉडी वेट के हिसाब से लेना चाहिए।

Supplements For Faster Muscle Gain – GLUTAMINE

Glutamine एक बहुत ही महत्वपूर्ण सप्लीमेंट है जो की मसल्स डेवलपमेंट के साथ फास्ट रिकवरी करता है यह एक एसेंशियल अमीनो एसिड से जो कि आपके इम्यून सिस्टम को लिए इंपोर्टेंट होता है

glutamine की पर्याप्त मात्रा में होने से आप बहुत ही कम समय में रिकवरी कर सकते हैं जिससे कि आप फिर से वर्कआउट कर सकें।

अगर आपकी बॉडी का रिकवरी रेट बहुत स्लो है तो आपको ग्लूटामाइन जरूर ऐड करना चाहिए और अगर बात करें इसके डोज की तो 5 ग्राम आपको वर्कआउट से पहले व 5 ग्राम वर्कआउट के बाद लेना चाहिए।

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Supplements For Faster Muscle Gain – TESTOSTERONE BOOSTERS | बॉडी बनाने के लिए टॉप सप्लीमेंट

टेस्टोस्ट्रोन बॉडी फक्शन का एक अभिन्न अंग है। testosterone के बहुत सारे बेनिफिट होते हैं। जिनके बारे में आपने बहुत सारे बॉडीबिल्डर्स से सुना होगा। टेस्टोस्टेरोनबॉडी में एक हार्मोन होता है जो कि पुरुषों के लिबिडो लेवल को इनक्रीस करता है। जिससे टेस्टरॉन बढ़ता है तथा मसल्स टिशु ग्रोथ बहुत ही तेजी के साथ होता है। टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के लिए आपकी बॉडी में जिंक मैग्नीशियम तथा विटामिन बी सिक्स काफी मात्रा में आना चाहिए। इसके अलावा ZMA सप्लीमेंट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे आपका testosterone लेवल बूस्ट होगा तथा मसल्स बनने की प्रोसेस व रिकवरी बहुत तेजी के साथ होगी। तो यह एक बॉडीबिल्डिंग में बहुत ही इंपॉर्टेंट सब्सटेंस होता है।

Supplements For Faster Muscle Gain – Conclusion

इस पोस्ट में जरूरी सुप्पलीमेंट्स की एक कॉमन जानकारियां दी गयी हैं। ज्यादातर जरूरते अच्छी डाइट से ही पूरी की जा सकती है। लेकिन अगर एडवांस लेवल का ट्रांसफॉर्मेशन चाहिए है तो सुप्पलीमेंट्स की जरुरत होगी। खुद की जरुरत के हिसाब से सुप्पलीमेंट्स को चुनें।

The 14 Best Ways to Burn Fat Fast बजन कम करने के बेहतरीन तरीके

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The 14 Best Ways to Burn Fat Fast


चाहे आप अपनी हेल्थ और चाहे आप पतले होने के लिए अतरिक्त फैट को कम करना चाहते हैं यह बहुत बड़ी चुनौती (challenge) साबित होती है।
डाइट और एक्सरसाइज के बाद और भी फैक्टर्स है जो फैट को कम करने में एहम भूमिका निभाते हैं। फिर भी बहुत से ऐसे काम है जिनको कर आप अपना फैट कम कर सकते हैं।


Strength training मांशपेशियों में संकुचन पैदा करती है और मांशपेशियां उसके विपरीत रोकने की कोशिश करती है। जिस से मसल्स मॉस बढ़ाता है और मजबूती बढ़ती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग बजन के साथ की जाती है जो की मसल्स की ग्रोथ के लिए अच्छा है।
शोध के अनुसार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के बहुत से फायदे है और यह फैट को कम करने का एक अच्छा जरिया है। मोटापा बढ़ने पर आंत पर फैट जमा हो जाता है जो की बहुत खरनाक है। और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आंत की चर्बी को कम करता है।


स्ट्रेंथ ट्रेनिंग फैट फ्री मसल्स बनाने का अच्छा जरिया है। इसमें फैट कैलोरीज के रूप में जल जाता है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लिए जिम जाना अच्छा रहेगा क्यों की जिम में आपकी जरुरत के अनुसार बजन मिल जायेगा। और यदि जिम नही जा सकते तो घर पर बॉडीवेट ट्रेनिंग करें।


अपनी डाइट में प्रोटीन से भरपूर्ण आहार शामिल करें जो की भूख को कम करता है और फैट को burn (जलाता) है। कई शोधों के अनुसार यह पाया गया कि ज्यादा प्रोटीन से भरपूर्ण डाइट से पेट पर चर्बी जमा होने के चांस काम होते हैं। प्रोटीन मसल्स बनाने का मुख्य मुख्य सोर्स है तो इसे अधिक मात्रा में खाने से यह फैट में convert नही होता बल्कि मसल्स मॉस को बढ़ाता है। जिस से बॉडी को मजबूती मिलती है।
प्रोटीन के मुख्य सोर्सेज – मॉस, मछली, अण्डे, दाल और दूध और दूध से बने प्रोडक्ट।

ज्यादा सोने से क्या बजन कम होता है?


आपको थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन ज्यादा सोने से फैट कम होता है। कई शोधों में यह सिद्ध हुआ है। और यह पाया गया जो औरते 4-5 घण्टे की नींद लेती है उनका बजन जो औरते 7-8 घण्टे सोती है उनसे ज्यादा पाया गया।
तो बजन कम करने के लिए शाम को जल्दी सोएं और सुबह थोड़ा देर से जागें। 7 घण्टे की नींद आपका बजन कम करने में मदद करता है।
कम सोने पर hunger harmons की मात्रा बढ़ती है जिस से ज्यादा भूख लगेगी और मोटापा बढ़ने के चांस बढेगा। अच्छी नींद के लिए एक दिनचर्या बनाये। शाम को मोबाइल का इस्तेमाल कम करें। और शाम को चाय और कॉफी से बचें।

क्या सिरका बजन कम करता है?

सिरका के बहुत से हेल्थ से जुड़े फायदे हैं। सिरके के इस्तेमाल से ब्लड शुगर का स्तर कम होता है। और ह्रदय को मजबूती मिलती है।
शोध में पाया हर रोज 15-30ml सिरका के इस्तेमाल से बजन कम होता है। यह चर्बी को जलाता है साथ में कमर के साइज को 12 सप्ताहों में कम करता है। सिरका के इस्तेमाल से पेट भरा महसूस होता है और भूख कम लगती है। सिरके के इस्तेमाल से 275 कैलोरीज़ डाइट में कम हो जाते है।

क्या फैट खाने से बजन कम होता है?


लोहे को लोहा काटता है ऐसी कहावत तो जरूर सुनी होगी। बस इसी तरह फैट को जलाने के लिए फैट का इतेमाल करें। लेकिन ध्यान रहे फैट दो तरह का मिलता है। एक अच्छे सोर्स से और एक गलत तरीको से।
फैट बॉडी में कई तरह के हार्मोन्स को बनाने का काम करता है। जो की बॉडी को अच्छे से काम करने के लिए जरूरी है। 1 ग्राम फैट में 8 कैलोरीज़ होती हैं। हमें सोर्स से फैट को डाइट में शामिल करना चाहिए। क्यों की इसे डाइजेस्ट करने में समय लगता है तो पेट देर तक भरा रहता है और भूख कम होती है। जिस आप कम कैलोरीज को खाएंगे। और बजन को कम कर पाएंगे।

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चीनी और चीनी से बनी चीजों को कम खाये

शुगर और चीनी से बने पदार्थो और पेय को छोड़ दें। जो की बॉडी के लिये अच्छा है और फैट को burn करने में मदद करता है। जैसे की सोडा और कोल्ड्रिंक्स में भरपूर्ण मात्रा में कैलोरीज होती हैं। और बहुत कम मात्रा में न्युट्रिशन होता है। alcohol (शराब) में अधिक मात्रा में कैलोरीज होती है इसे पीने के बाद पता नही चलता कितना आपने खा लिया है। इस तरीके के पेय से पेट पर चर्बी जमा होती है। इन पेय को अपनी डाइट से हटा दे। तो बजन को आसानी से कम किया जा सकता है।

Green Tea ग्रीन टी से बजन कम करें


ग्रीन टी एक ऑप्शन है जो की फैट को जलने में मदद करता है। green tea में कैफीन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते है जो की मेटाबोलिक रेट को बढ़ाते हैं। जिस से फैट burn होता है।

Soluble fiber घुलनशील फाइबर से बजन कम करें


घुलानसील फाइबर का डाइजेस्टिव रेट स्लो होता है। जिस से पेट लंबे समय तक भरा रहता है। और भूख कम लगेगी। और बजन कम होगा। सिर्फ 14 ग्राम फाइबर 10% कैलोरीज की जरुरत को कम कर देता है। और एक महीने में 2kg तक बजन कम हो जाता है। फल, सब्जियाँ, दाल, अनाज और बीज में फाइबर पाया जाता है।

refined carbohydrates रिफाइंड कार्बोहायड्रेट को कम खाएं

Refined carbohydrate का glycemic index बहुत ज्यादा होता है। यानी की जैसे ही आप इसे खाते है ब्लड में शुगर की मात्रा एकदम से बढ़ जाती है। और यह पेट पर चर्बी जमा करने लगता है। तो इस लिए पेस्ट्रीज, पास्ता, वाइट ब्रेड की जगह साबुत अनाज, क्विनोआ और ओट्स आदि को खाएं।

Cardio कार्डियो से बजन कम करें


कार्डियो एक एरोबिक वर्कआउट गई जो की हार्ट और फेफडो को मजबूत करने के लिए किया जाता है। cardio एक्सरसाइज से कुछ ही समय में बहुत अधिक कैलोरीज़ को जलाने का काम करता है। कार्डियो पेट की चर्बी और मसल्स मॉस को कम करता है। यह बजन कम करने का अच्छा तरीका है। साइकिलिंग, स्विमिंग, running ये सभी कार्डियो के रूप हैं।

Caffeine चाय कॉफी को न कहें


कैफीन कॉफी में पाया जाता है। यह एक फैट burning supplements है। जो की मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है और फैट को एनर्जी में परिवर्तित करता है। इसका पूरा फायदा उठाने के लिए ब्लैक कॉफी पीनी चाहिए।
शोध के अनुसार कैफीन एनर्जी को बड़ा मेटाबोलिज्म को 3-11% तक बढ़ा देता है।

Iron आयरन युक्त भोजन लें


जैसा की आयोडीन की कमी से थाइरोइड ग्रंथि पर बुरा असर पड़ता है। ठीक उसी तरह आयरन की कमी से भी थायरॉइड की ग्रथि पर असर पड़ता है। गले में मौजूद छोटी सी ग्रंथि से मेटाबोलिक को रेगुलेट करने वाले हार्मोन्स निकलते हैं। आयरन की कमी से ये हार्मोन्स का रिसाब कम हो जाता है। जिस से बजन तो बढ़ता ही है साथ में थाकन, कमजोरी, साँस लेने में तकलीफ और मोटापा बढ़ता है। इस लिए आयरन की कमी न होने दें।


Intermittent fasting उपवास राखें


Intermittent fasting में खाने की साइकिल चलती है। जिसमे एक नीश्चित समय अंतराल के बाद खाना खाया जाता है और एक नीश्चित समय तक उपवास रखना होता है। ऐसा 12 सप्ताह तक करने पर बॉडी का 7% तक बजन कम किया जा सकता है। यह 5 Kg तक हो सकता है।

21 best alkaline foods:

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Below, there is a list of the 21 best alkaline foods:


Processed foods (पैकिट बंद), फ़ास्ट फूड्स और ज्यादा तेल वाले खाने से सबसे ज्यादा बॉडी का pH lavel को acidic बनाने का काम करता है। acidic बॉडी में ब्लड और मसल्स का pH मान 7 से कम हो जाता है। और ऐसी स्तिथि में बॉडी के रोग प्रतिरोधक (immune) पर गहरा प्रभाव पढ़ता है। मोटापा, कैंसर, और हृदय संबंधी रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। इस लिए जरूरी होता है बॉडी का pH मान 7 से ऊपर रहे। alkaline बॉडी में रोग होने की सम्भावना कम रहती है। तो क्या ऐसे फूड्स को खाये जिस से बॉडी alkaline रहे।

alkaline foods No-#1 – Spinach | क्षारीय आहार (पालक)


पालक एक हरी सब्जी है जो की बॉडी में फ्री रेडिकल्स कम करता है। याददाश्त को बढ़ाता है और हृदय को मजबूत करता है। पालक में कोलेस्ट्रॉल और फैट कम होता है लेकिन पालक में विटामिन्स A, C, K, B6, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, जिंक और नियासिन से भरपूर्ण होता है।


alkaline foods No-#2 – Lemons | क्षारीय आहार (नींबू)


नींबू में हार्ट स्ट्रोक को कम करने की छमता होती है। नींबू किडनी स्टोन को सही करने में भी मदद करता है। इसके ऊपर यह कैंसर, ब्लड प्रेसर और constipation को सही करता है। नींबू में पर्याप्त मात्रा में vitamins A, E, C और मिनरल्स में जिंक, कैल्शियम, पोटैशियम, कॉपर, और राइबोफ्लेविन पाया जाता है।


alkaline foods No-#3 – Quinoa | क्षारीय आहार (क्विनोआ)


यह प्रोटीन से भरपूर्ण और दोहरी मात्रा में फाइबर होता है किसी भी अन्य अनाज से। इसमें मैंगनीज, मैग्नीशियम, राइबोफ्लेविन, लाइसिन और आयरन पाया जाता है। जो की कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड शुगर लेवल को कम करता है।


alkaline foods No-#4 – Swiss chard | क्षारीय आहार (स्विस चार्ड)


Swiss chard ज्यादा ब्लड शुगर स्तर को कम कर हृदयवाहिनी हेल्थ को बेहतर बनाता है। यह वायरस, बैक्टीरिया और फ्री रेडिकल्स से लड़ता है।


alkaline foods No-#5 – Melon | क्षारीय आहार (तरबूज)


तरबूज बॉडी को में पानी के स्तर को बढ़ाता है टोक्सिन को बाहर करता है। इसका pH लावेल 8.5 होता है।


alkaline foods No-#6 – Olive oil | क्षारीय आहार (जैतून)


जैतून के तेल में एंटीऑक्सीडेंट, मोनो-अनसैचुरेटेड फैटी एसिड और विटामिन E पाया जाता है। यह ब्लड से शुगर लेवल को कम कर हार्ट संबंधी बीमारियों से बचाता है।


alkaline foods No-#7 – Bananas | क्षारीय आहार (केला)


केला में अधिक मात्रा में पोटैशियम, मैग्नीशियम, B विटामिन्स और मैंगनीज पाया जाता है। केला रक्त में शुगर के स्तर को घटाता है और हृदय को संरक्षित करता है।


alkaline foods No-#8 – Flaxseed | क्षारीय आहार (अलसी)

अलसी के बीज में फाइबर, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। अलसी के इस्तेमाल से सूजन को हटाया जा सकता है।


alkaline foods No-#9 – Cauliflower | क्षारीय आहार (गोभी)

गोभी में राइबोफ्लेविन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, थायमिन, मैंगनीज और विटामिन K पाया जाता है। यह सूजन को कम करने वाला और हार्ट हो स्वस्थ रखने वाला है।


alkaline foods No-#10 – Avocados | क्षारीय आहार (अवोकेडो)

Avocados कोलेस्ट्रॉल के स्तर को स्थिर करता है और यह फल और सब्जियों से  न्युट्रिशन absorption (सोखना) की छमता को बढ़ाता है। Avocados में फाइबर, मोनो-अनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स पाया जाता है।


alkaline foods No-#11 – Grapes | क्षारीय आहार (अंगूर)


अंगूर चिंता तनाव और ब्लड प्रेसर को कम करने वाला होता है। यह प्रोस्टेट, कोलन और मुह के कैंसर से बचाता है।


alkaline foods No-#12 – Carrots | क्षारीय आहार (गाजर)


इसमें बीटा-कैरोटीन पाया जाता है जो की दिमाग और दृष्टि की कार्य छमता को बढ़ाता है। यह फ्री रेडिकल्स को कम करता है। गाजर में फाइबर, पोटैशियम, आयरन, और विटामिन K, A, C और B8 भरपूर्ण मात्रा में होता है।


alkaline foods No-#13 – Broccoli | क्षारीय आहार (ब्रोकली)


ब्रोकली न्युट्रिशन की खांद मानी जाती है। यह रक्त संचार को ठीक करती है। यह हृदय के लिए अच्छी होती है। और कैंसर से लड़ती है। इसमें भरपूर्ण मात्रा में फाइबर, कॉपर, पोटैशियम और विटामिन्स K, B6, C और E होता है।  


alkaline foods No-#14 – Berries | क्षारीय आहार (जामुन)


यह क्षारीय प्रवत्ति का फल है जो की स्किन और हेल्थ के लिए अच्छा है। यह बढ़ती उम्र का थमता है और मेमोरी को sharp (तेज) करता है।


alkaline foods No-#15 Kiwi  | क्षारीय आहार (कीवी)


Kiwi एक ऊंचे स्तर का छारीय फल है। क्यों की इसमें बहुत सा एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और खनिजो की अधिकता होती है। इसमें फाइबर, पोटैशियम, और संतरे से 5 गुना ज्यादा विटामिन C होता है। ये सभी हेल्थ को और बेहतर बनाते हैं।


alkaline foods No-#16 Sweet Potato  | क्षारीय आहार (शकरकंद)


हालांकि शकरकंद में स्टार्च होता है लेकिन शकरकंद एक क्षारीय तत्वों को बढ़ाने वाला फल भी है। जो की साथ में फाइबर, विटामिन्स और मिनिरल्स भी देता है। क्यों की इसमें फाइबर होता है इस लिए यह रक्त में शुगर की मात्रा को कम करता है।


alkaline foods No-#17 Pineapple | क्षारीय आहार (अनानास)


अनानास एक क्षारीय फल है। क्यों की इसमें ब्रोमेलीन पाया जाता है जिसे पाचक रसायन (digestive enzyme) भी कहते है। यह आंतो में मोजूद बेक्टिरिया को ख़त्म करता है।


alkaline foods No-#18  Strawberries  | क्षारीय आहार (स्ट्रॉबेरीज)


स्ट्रॉबेरीज मर एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन C और महत्वपूर्ण मैगनीज पाया जाता है। जो की मेटाबॉलिक प्रोसेस को रेगुलेट करता है। यह एक क्षारीय फल है।


alkaline foods No-#19 Apples  | क्षारीय आहार (सेब)


सेब को दुनिया का सबसे हेल्थी फल माना जाता है। क्यों की इसमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स विटामिन C, फ्लेवोनॉयड पाया जाता है जो की बॉडी clean (अंदर से साफ़) करता है कैंसर, कोलेस्ट्रॉल, और ब्लड प्रेसर को संतुलित करता है। यह एक क्षारीय फल है। और सेव का सिरका का प्रयोग खूब किया जाता है।


alkaline foods No-#20 Gourd | क्षारीय आहार (लौकी) –


वैसे तो घरों में बच्चे लौकी को खाना पसंद नही करते पर लौकी में ढेर सारे विटामिन्स और मिनिरल्स पाये जाते है। लौकी की प्रवत्ति क्षारीय होती है। यह रक्त में एसिड की मात्रा को कम कर हार्ट-स्ट्रोक के चांस को कम कर देता है।


alkaline foods No-#21 Beet roots | क्षारीय आहार (चुकन्दर)-


चुकन्दर रक्त से एसिड को कम कर एथलीट प्रदर्शन को बढ़ाता है। यह क्षारीय होता है। और इसमें भरपूर्ण मात्रा में नाइट्रिक ऑक्साइड पाया जाता है जो की ब्लड फ्लो को बढ़ाता है।

Increse sperm count स्पर्म बढ़ाने के लिए क्या खायें।

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आजकल की भागदौड़ की लाइफ में लोग अपने शरीर पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। गलत जीवनयापन की वजह से शरीर के कई फंक्शन प्रभावित होते हैं। जिस बजह से हमारे शरीर में sperm count कम हो जाता है। यह कोई बड़ी समस्या नही है। थोड़ा वर्कआउट और सही डाइट से इस प्रभाव को कम कर sperm count को बढ़ाया जा सकता है। आज हम 10 ऐसे आहार को बताएँगे जिन्हें अपनी डाइट में शामिल कर स्पर्म की संख्या को आसानी से बढ़ा सकते हैं।


Increase sperm count by Eggs | स्पर्म बढ़ाने के लिए अंडा  खाएं


अंडा वीर्य को बढ़ाने का बहुत अच्छा विकल्प माना जाता है। और साथ में यह वीर्य की गतिसीलता को भी सुधारता है। अंडा प्रोटीन और विटामिन E से भरपूर्ण होता है। अण्डे को खाने से सुक्राणुओ की फ्री रेडिकल्स से भी सुरक्षा होती है। फ्री रेडिकल्स सुक्राणुओ को कम करता है। अण्डे में मोजूद पोषक तत्व मजबूत और हेल्थी वीर्य का निर्माण करता है। तथा यह प्रजनन छमता को भी बढ़ाता है।


Increase sperm count by Spinach |स्पर्म बढ़ाने के लिए पालक  खाएं


पालक फोलिक एसिड से भरपूर्ण होता है फोलिक एसिड स्वस्थ वीर्य का निर्माण करता है। पालक एक हरी पत्तियों दार सब्जी है जिसमे कई विटामिन्स और मिनिरल्स होते हैं। जब बॉडी में फोलिक अम्ल की कमी होती है तो वीर्य कमजोर बनता है। जिस में प्रजनन छमता कम होती है तथा इस वीर्य से female egg को भेदना कठिन हो जाता है। और यही कमजोर वीर्य से उत्पन्न संतान में जन्म दोस होने की संभावनाएं रहती हैं।


Increase sperm count by Bananas |स्पर्म बढ़ाने के लिए केला खाएं


केले में विटामिन B1, C, A भरपूर्ण होता है। जी की शरीर में स्वस्थ सुक्राणु बनाने में मदद करता है और यह वीर्य की उत्पादन संख्या में वृद्धि करता है। इस फल में ब्रोमेलैन एंजाइम होता है जोकि सुक्राणुओ की संख्या और गति को बढ़ाता है।


Increase sperm count by  Dark Chocolate | स्पर्म बढ़ाने के लिए डार्क चॉकलेट खाएं


डार्कचॉकलेट में L-arginine एमिनो अम्ल पाया जाता है जिस से sperm की संख्या बढ़ती है। शायद ही आपको पता हो, डार्क चॉकलेट को वासना बढ़ने के लिए स्ट्रॉबेरीज के साथ शैम्पेन के साथ लेते हैं। यह मोनीमून के लिए नए कपल्स के लिए ख़ास होता है।


Increase sperm count by Asparagus | स्पर्म बढ़ाने के लिए शतावरी खाएं


शतावरी में स्पर्म बढ़ाने की शक्ति होती है। इसमें विटामिन C भरपूर्ण होता है। जिस से वीर्य पर सकारात्मक प्रभाव पढ़ता है। आपके अंडकोष, सुक्राणुओ की फ्री redicals (मिक्त कण) से कोशिकाओं की रक्षा करता है। जिस से वीर्य की संख्या में बढ़ोत्तरी होती है।

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Increase sperm count by  Broccoli | स्पर्म बढ़ाने के लिए ब्रोकली खाएं


शताबरी के बाद फोलिक एसिड से भरपूर्ण सब्जी ब्रोकली है। फोलिक एसिड महिलाओं और पुरुषो दोनों की प्रजनन शक्ति को बढ़ाता है। इसे विटामिन B9 के नाम से भी जाना जाता है। एक शोध के अनुसार दैनिक फोलिक एसिड के उपयोग से  वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या 70% तक बढ़ा देता है।


Increase sperm count by  Pomegranates | स्पर्म बढ़ाने के लिए अनार खाएं


अनार सदियों से वीर्य को बढ़ाने के लिए उपयोग होता आ राहा है। अनार को शक्तिशाली फल के रूप में जाना जाता है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स की पर्याप्त मात्रा होती है जो की रक्त में मौजूद फ्री रेडिकल्स को कम करता है। फ्री रेडिकल्स स्पर्म को, बॉडी के ऑर्गन्स को नष्ट करने का काम करता है। अनार इन फ्री रेडिकल्स को कम कर वीर्य की मात्रा को बढ़ाता है। अनार एक स्वादिष्ट फल है जो की रक्त के निर्माण का कार्य भी करता है। इसमें नाइट्रिक ऑक्साइड भी होता है जिस से रक्त का संचार बढ़ता है। यह परुषों के लिए प्राकृतिक वियाग्रा की तरह काम करता है।


Increase sperm count by Walnuts | स्पर्म बढ़ाने के लिए अखरोट  खाएं


अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है जिस से नसों से कोलेस्ट्रॉल कम होता है और रक्त का संचार अंडकोष की तरफ बढ़ता है। जिस से स्पर्म का निर्माण बढ़ता है। इसमें सभी नुट्स से दोगना ज्यादा एंटी-ऑक्सीडेंट्स होता है। जो की रक्त में मौजूद toxins (विष) को कम करने का काम करता है।

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Increase sperm count by  Garlic | स्पर्म बढ़ाने के लिए लहसन खाएं


लहसुन में ढेर-सारे एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाये जाते हैं। जो की बॉडी की immune power (प्रतिरक्षा शक्ति) को बढ़ाने का काम करता है। लहसुन कैंसर जैसे वैक्टीरिया को पनापने से रोकता है। लहसन पुरुष शक्ति को बढ़ाने के लिए पुराने समय से उपयोग होता आ रहा है। यह शरीर की सही नसों को साफ़ कर रक्त के प्रावाह को बढ़ाता है। जिस से वीर्य का उत्पादन शरीर में बढ़ने लगता है।


Increase sperm count by  Zinc Rich Foods | स्पर्म बढ़ाने के लिए जिंक खाएं


जिंक स्पर्म के निर्माण के लिए बहुत आवश्यक घटक है। इसके बहुत से प्राकृतिक श्रोत हैं। जौं, रेड मीट, फलिया, नुट्स आदि। इसके लगातार इस्तेमाल से वीर्य का निर्माण अधिक होता है। हर पुरुष कप प्रतिदिन 15 mg जिंक जरूर खाना चाहिए जिज़ से स्वस्थ sperm का निर्माण हो सके।

Benefits a Long Running | लंबी दौड़ के फायदे

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Benefits a Long Running will give you starting today! लंबी दौड़ के फायदे।


बहुत से runners के मानना है हफ्ते में एक बार लम्बी दौड़ मेराथन की तैयारी के लिए बहुत असरदार होता है। लम्बी दौड़ के बहुत से फायदे हैं।


Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे #Regenerate tired muscles।


धीमी गति से लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)कठिन परिश्रम और थके पैरों के लिये फायदेमंद है। धीमी गति से दौड़नें पर मसल्स नये ऊतकों का निर्माण और उनकी ताकत, कार्यछमता को बढ़ा देती है। लगातार हर सप्ताह लम्बी दौड़ से पैरो की जरूरी मसल्स का निर्माण होता है। और पैरो का स्ट्रक्चर आपके दौड़ के अनुरूप ढल जाता है।


Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे #Strengthen leg muscles and ligaments


लंबी दूरी की दौड़ से पैरो के कई हिस्से मजबूत होते है जैसे


Hamstrings –Hamstrings muscle जांघ (thigh) के पीछे की मॉसपेशी होती है। जो की दौड़ के समय ऊपर की बॉडी को आगे की तरफ ढकेलती है। इस मसल्स के मजबूत होने से तेज दौड़ में बहुत फायदा मिलता है।


Calfs – Calfs को soleus भी कहते है। यह shin bones के पीछे की मसल्स होती है। जो की shin bone को स्थिर करती है। और पंजे के मूवमेंट को सपोर्ट करती है।


Quads – घुटने के ऊपर की मश्पेशिय को quads कहते है। यह हैंडब्रेक की तरह काम करती है जब पैर जमीन में land (गिरता) होता है।

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Gluteal – यह जांघ के ऊपर पीछे की मसल्स ( butt) को glutel कहते है। यह दौड़ के दौरान ऊपर की बॉडी को उछाल प्रदान करता है।


Hip Flexors – quads के ऊपर का हिस्सा होता है जो की पैरो को आगे औए पीछे हिलने (move) करने का काम करता है।


Hip Rotator – Hip rotator दौड़ के दौरान ऊपर की बॉडी और नीचे की बॉडी को स्थिर करता है। और एक अच्छी running पोजीशन को बनाने का काम करता है।


Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे # Helps burn fat as fuel


लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)में एनर्जी का मुख्य सोर्स बॉडी में मौजूद फैट होता है। लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)फैट का जलने का अच्छा तरीका है। दौड़ में 20 मिनट के बाद बॉडी फैट को burn करना शुरू कर देती है। अगर आप के पेट पर अतिरिक्त चर्बी जमा है तो आप से लम्बी दौड़ से जला सकते है। और अपना बजन आसानी से कम कर सकते है। कम बजन के साथ आप मेराथन की दौड़ को आसानी से दौड़ पाएंगे। और कम बजन के साथ तेज भी दौड़ पाएंगे।


Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे #Slow & fast twitch muscles will develop


इनका उपयोग कम तीव्रता वाली, आराम से दौड में होता है। इनके संकुचन (contract) के लिए कम ताकत और ऊर्जा की जरूरत होती है। इस लिए यह लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)के लिए जरूरी है। मेराथन दौडी की तैयारी के लिए Slow Twitch Fibers का निर्माण करना जरूरी होता है।

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Fast Twitch Fibers –
यह तेज दौड को support (मदद) करता है जैसे स्प्रिंट्स। हालांकि, इन फाइबर की सहनशक्ति कम होती है। इन्हें कम समय के लिए उपयोग किया जाता है। अगर आप अपनी लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)में स्पीड दौड़ को मिक्स करना चाहते है तो इनको develope करना होगा। इसका उपयोग स्प्रिंट्स, पहाड़ो पर और लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)में होता है।


Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे #Help Increase Speed


यद्धपि लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)सहनशक्ति पर आधारित है। लेकिन यह मुख्य रूप से 5-10 km दौड़ की स्पीड को बढ़ाता है। हर हफ्ते अपनी लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)में कुछ दूरी को और जोड़ें जिस से हृदयवाहिनी को मजबूती मिलती है, पैरो की मांशपेशियों, पेट की मांशपेशियों में मजबूती आयेगी। जिस से आप देर तक तेज दौड़ पाएंगे। अगर आप 1600 मीटर दौड़ की तैयारी कर रहे है तो हर हफ्ते एक लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)जरूर लगाएं।


Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे #Build a stronger heart

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लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)से हृदय की कार्यछमता बढ़ती है। क्यों की हृदय वाहिनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल कम होता है और रक्त का संचार बढ़ता है। जिन्हें हार्ट अटैक की समस्या है उन्हें लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)जरूर लगानी चाहिये।


Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे #Energize your working muscles


धीमी गति से लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)से लाल रक्त के सेल का निर्माण ज्यादा होता है जो की ऑक्सीजन को मसल्स तक ले जाते हैं। जिसका मतलब है आप तेज गति से ज्यादा दूर तक दौड़ पाएंगे। और ऑक्सीजन की अधिकता से मासपेशियों का कठोर होना, दर्द होना कम हो जायेगा।


Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे #Open necessary capillaries


दौड़ के लिए जरूरी कोशिकाओं को लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)से खोला जा सकता है जिस से उनमे रक्त का संचार बढेगा और उनकी कार्य छमता को बड़ा पाएंगे।


Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे #Boost your Personal Confidence


लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)से आपका confidence (आत्मबल) में विकास आयेगा। और दौड़ के बर्फ ख़ुशी का अनुभव होगा। और इस से बहुत से फायदे मिलेंगे। जैसे
■ तनाव कम होता है
■नींद अच्छी आती है।
■और दौड़ की चाहत बढ़ती है।

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Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे #Extra Mitochondria and aerobic enzyme activity


लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)से माश्पेशिय माइटोकांड्रिया का आकार बढ़ता है। एंजाइम का सहयोग बढ़ता है। जिसे ज्यादा एनर्जी का निर्माण होता है और जब तेज गति से दौड़ते है तो ऊर्जा का निर्माण भी बढ़ने लगता है जिस से आप देर तक बिना थके दौड़ पाएंगे।


Benefits a Long Running लंबी दौड़ के फायदे #Hold more Glycogen

लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)ग्लाइकोजन के स्टोर (संरक्षित) करने की छमता को बढ़ाता है। ग्लाइकोजन कार्बोहायड्रेट का एक रूप है। दौड़ के दौरान इसकी कमी होने पर यह आपको धीमा कर देती है। इसकी स्टोर छमता को बढ़ाने के लिए लम्बी दूरी की दौड़ (Long Distance Running)लगायें।
बॉडी जितनी गति की ग्लाइकोजन को एनर्जी में परिवर्तित करेगी उतना ही तेज और दूर तक आप दौड़ पाएंगे।


कितनी दूरी तक दौड़ाना चाहिए?


इसका कोई ठीक उत्तर नही है। यह आपके फिटनेस के लेवल पर निर्भर है कि आप को कितना दूरी तक दौड़ना चाहिए। और आपका लक्ष्य क्या है। आपको अपनी मौजूदा स्तिथि से हर हफ्ते 10% ज्यादा दूरी तक दौड़ाना चाहिए जिस से मांशपेशियों पर अतिरिक्त दबाब न पड़े।



SUPPLEMENTS FOR RUNNERS धावकों के लिए आवश्यक सुपप्लिमेंट्स

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KEY SUPPLEMENTS FOR RUNNERS


SUPPLEMENTS FOR RUNNERS

#No.1 PRE-WORKOUT: CAFFEINE


Supplements for runner कैफीन सहनशक्ति और धैर्य को बढ़ाता है। मेने बहुत से प्री-वर्कआउट सुप्पलीमेंट्स को उपयोग किया कुछ एनर्जी ड्रिंक्स को उपयोग किया लेकिन ये सभी दौड़ के दौरान पेट में खिंचाव की स्तिथि पैदा करते हैं। फिर मेने कॉफ़ी को लेना स्टार्ट किया। कॉफी प्री-वर्कआउट सुप्पलीमेंट्स लम्बा दौड़ने में हेल्प करता है। में इसमें न तो दूध और न चीनी को मिलाता हूँ। ब्लैक कॉफ़ी ज्यादा इफेक्टिव है। सुबह एक कप ग्रीन tea और दौड़ से पहले एक कप कॉफी running में काफी एनर्जी प्रोवाइड करता है।

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#No.2 BCAA (BRANCHED CHAIN AMINO ACIDS)


क्या runners को BCAA की जरुरत होती है?


जब आप मेराथन की ट्रेनिंग करते है तो वेट लॉस कारना पड़ता है। जिस में कैलोरीज को कम किया जाता है। जिस वजह से बॉडी कैटाबोलिक स्टेट में आजाती है। और मसल्स लॉस होने लगता है। मसल्स बॉडी की स्ट्रेंथ को बढ़ाता है तो मसल्स को सुरक्षित करने के लिए बका का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। BCAA को दौड़ के दौरान और दौड़ के पहले तथा बाद में ले सकते हैं। bcaa runners को दो बहुत बड़े फायदे देती है इसमें में मौजूद एमिनो अम्ल एनर्जी दौड़ के दौरान मसल्स को एनर्जी देते है जिस से थकान कम होती है। और यह दौड़ के बाद मसल्स ऊतकों की मरम्मत कर रिकवर करता है। running के बाद BCAA सबसे अच्छा पोस्ट-वर्कआउट सुप्पलीमेंट्स है।

यह फैट फ्री(lean) मसल्स ग्रोथ करता है।
दौड़ के दौरान कम से कम मसल्स छती होने देते हैं।
प्रोटीन सिंथेसिस कर फ़ास्ट रिकवर करता है।
सहनशक्ति को बढ़ाता है।

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#No.3 GLUTAMINE SUPPLEMENTATION FOR RUNNERS


Glutamine supplements for runners. ग्लूटामिन हमारी बॉडी की ब्लड प्लाज्मा और मसल्स में पाया जाता है और यह इम्यून ऊतकों को एनर्जी पहुचता है। ग्लूटामिन नॉन-एसेंशियल एमिनो अम्ल है। ज्यादा running के कारण रक्त प्लाज्मा में इसकी कमी हो जाती है। इसी स्तिथि में बॉडी बीमार हो सकती है। ग्लूटामिन को सुबह पोस्ट-वर्कआउट लेना चाहिए।
ग्लूटामिन मसल्स ग्रोथ रिकवरी टाइम और डाइजेस्टिव सिस्टम को स्ट्रांग करता है।
यह हैड्रेशन लेवल और सहनशक्ति को बढ़ाता है।
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#No.4 BEST PROBIOTICS SUPPLEMENTS


सही न्युट्रिशन न मिलने के कारण इम्यून सिस्टम, नर्वस सिस्टम, और हार्मोन रिसाव कमजोर होने लगता है। gut flora बेक्टिरिया की कमी होने से बॉडी में सूजन बढ़ने लगती है।
प्रति दिन प्रोबियोटिक्स सुप्पलीमेंट्स बॉडी में जरूरी एंजाइम और बैक्टीरिया को बैलेंस करता है जिस से बॉडी हेल्थी रहती है।

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शाकाहारी बॉडीबिल्डिंग टिप्स

#No.5 L-CARNITINE FOR WEIGHT LOSS AND ENDURANCE


अच्छा धावक बनने के लिए बजन का कम होना जरूरी है। L-कार्निटिन एक प्रसिद्ध सुप्पलीमेंट्स फैट को बर्न करने के लिये। इसी लिए बॉडीबिल्डिंग में इसका खूब उपयोग होता है। एल-कार्निटिन मसल्स को सुरक्षित कर फैट को एनर्जी में बदल कर फैट को ख़त्म करता है। यह long chain fatty acids को माइटोकॉन्ड्रिया को पहुचता है एनर्जी प्रोडक्शन के लिये।
एल-कार्निटिन अमोनिया का संचय कम करता है और रक्त प्रवाह को बढ़ाता है। यह मुख्य रूप से ऊतकों की मरम्मत कर दर्द को कम करता है जो आपके दौड़ के समय सहायक हो सकता है।
एल-कार्निटिन बॉडी में ज्यादा ब्लड सेल्स को बना कर ज्यादा ऑक्सीजन की खपत करता है। यह धावकों का फैट कम करता है लेकिन बॉडी में कमजोरी नहीं आने देता।
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#No.6 CALCIUM FOR RUNNERS


एक और सबसे जरूरी supplements for runner कैल्शियम है। शरीर में सभी हड्डियां कैल्शियम की मदद से बनती हैं। जब running करते है तो कैल्शियम यूरिन के जरिये बहता है। जिस बजह से कैल्शियम की कमी होने लगती है और इस से कई तरह की समस्याये उत्पन्न होती है जैसे जॉइंट pain, बोन्स फ्रैक्चर, knee pain, पैरो में दर्द मांशपेशियों में दर्द। तो बॉडी के कंकाल को कैल्शियम की जरुरत बहुत होती है ताकि धावक अच्छे से बिना किसी दर्द के दौड़ सके।

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#No.7 WHAT DOES FISH OIL DO?


ओमेगा-3 फैटी एसिड Supplements for runner क्या सच में धावकों के लिए बेनिफिशल है। ओओमेगा-3 फैटी एसिड्स के बॉडी में अब्सॉर्ब्शन से दौड़ के दौरान होने वाली मसल्स छती और सूजन की कम करता है। ओमेगा-3 प्रोटीन सिंथेसिस कर रिकवरी तेज करता है तथा ओमेगा-3 हार्ट हो ताकतवर बनाता है जो की धावकों के लिए बहुत जरूरी है।
यह धावकों के लिए मसल्स ग्रोथ, और स्ट्रेंथ को बढ़ा कर परफॉरमेंस को बढ़ाता है। क्यों की ओमेगा-3 बॉडी प्रोड्यूस नहीं कर पाती है इसलिए इसे अपनी डाइट से लेना होगा। इसके लगातार इस्तेमाल से थकान और मसल्स दर्द कम हो जाता है।

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#No.8 VITAMINS C AND E


विटामिन्स C और विटामिन्स E ऑक्सीडेंट्स long distance runners को काफी हेल्प करते है।
विटामिन C इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग कर पप्रयावरण और एक्सरसाइज के कारण ऑक्सीडेटिव छती से बचाता है। और विटामिन E फ्री रेडिकल्स को डैमेज से बचाता है। जो की लंबे समय तक running से होता है। विटामिन E हार्ट और ह्रदवाहिनी की रक्षा करता है

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#No.8 MAGNESIUM


मैग्निशियम supplements for runner के लिए क्या करता है? मेराथन दौड़ के लिए सहनशक्ति की जरुरत होती है और मैग्नीशियम सहनशक्ति को बढ़ाने में एक जरूरी सुप्पलीमेंट है।
यह ऊर्जा और मांसपेशीय संकुचन में मदद करता है। मैग्निशियम मजबूत हड्डियों और मांसपेशियों को बढ़ावा देता है।और नर्व फक्शन हृदयवाहिनी फक्शन को स्ट्रांग करता है।
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#No.9 VITAMIN D3


Runners को अपनी हड्डिया और मांशपेशियों को मजबूत रखता होता है जिस से दौड़ के दौरान उनमे दर्द और फ्रैक्चर न हो। विटामिन D धावकों के लिए बेहद आवश्यक है। यह कैल्शियम को सुरक्षित कर हड्डियों को मजबूत करता है इसके उपयोग से मश्पेशिय दर्द कम होता है। तथा यह इसकी कमी से हैड्रेशन लेवल कम होता है
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#No.10 व्हेय प्रोटीन Supplemente for runner


रनिंग के दौरान मांशपेशियों को बहुत छती पहुचती है। जिस वजह से सूजन और दर्द होने लगता है। लंबे समय तक इसी समस्या से मसल्स फ्रैक्चर हो सकता है। इन चोटो को भरने के लिए व्हेय प्रोटीन एक अच्छा सोर्स है। व्हेय प्रोटीन supplements for runner के लिए बहुत जरूरी है। दौड़ के बाद व्हेय प्रोटीन लेने पर रिकवरी बहुत तेजी से होती है। तथा यह मसल्स में ग्रोथ करता है। क्यों की इस का डिजेशन रेट बहुत हाई है तो इसे पोस्ट-रनिंग लेना चाहिए।