How Protein Works | प्रोटीन कैसे काम करता है?

भारी और थकाऊ वर्कआउट के बाद बॉडी में प्रोटीन का अवशोषण और मसल्स की क्रिया 24 घंटे तक बढ़ जाती है। यही कारण है वर्कआउट के दूसरे दिन मसल्स दर्द बढ़ जाता है। और इस समय में अगर प्रोटीन नही खाया जायेगा तो मसल्स छती (loose) बढ़ेगी परिणाम में मसल्स मॉस काम होगा।


How protein works? प्रोटीन कैसे काम करता है?


इसमें कोई दो राय नहीं है की एथलीट और बॉडी बिल्डर्स अपने वर्कआउट के दिनों में प्रोटीन का इस्तेमाल करते हैं प्रोटीन सप्लीमेंट जो की मसल्स मॉस को बढ़ाता है और एक्सरसाइज सहनशक्ति को बढ़ाता है। प्रोटीन सप्लीमेंट्स 2 तरीके से लिए जाते एक पाउडर और दूसरा पिल्स के रूप में गोलियों के रूप में। इसे पानी या दूध के साथ मिलाकर इसका शेक बनाकर पिया जाता है जिससे कि यह मसल्स जल्दी ही डाइजेस्ट हो और जल्दी ही मसल्स को डेवलप करें।
प्रोटीन और वर्कआउट साथ में लेने से यह जल्दी ही अमीनो एसिड बनाता है जिससे मसल्स टिशु बहुत जल्दी ही बनते हैं और यह वर्कआउट के दौरान हुए सभी अंदरूनी चोटों को जल्दी से जल्दी रिपेयर करता है यानी की आप फिर से वर्कआउट करने के लिए जल्द ही तैयार हो जाएंगे।


जैसे ही protein बॉडी में जाता है यह protein enzymes में ब्रेक डाउन हो जाता है और इसके बाद अमीनो एसिड में कन्वर्ट हो जाता है जो कि मसल्स टिशु को रिपेयर और ग्रोथ कराता है और इससे ओवरऑल इम्यून सिस्टम भी हेल्दी होता है प्रोटीन का यूज करने से एथलीट अपने फिटनेस लेवल को बढ़ा सकते हैं और और अपनी ट्रेनिंग का समय भी बढ़ा सकते हैं।


प्रोटीन सप्लीमेंट के उपयोग से बहुत सारे बेनिफिट्स मिलते हैं। protein बॉडी को अच्छे फंक्शन के लिए बहुत इंपॉर्टेंट होता है क्योंकि यह हार्मोन्स, एंजाइम्स निर्माण और बहुत सारे कॉम्पोनेंट्स को बनाने करने में मदद करता है अगर यह सारे फंक्शन या फिर यह सारे कॉम्पोनेंट्स बॉडी में नहीं होंगे तो बॉडी अच्छे से फंक्शन नहीं करेगी। प्रोटीन फैट को कम करने में भी मदद करता है क्योंकि इसे कंज्यूम करने पर पेट बहुत टाइम तक भरा महसूस होता है और भूख नहीं लगती है जिस कारण कैलोरीज कम खाते है और वजन कम होता है।


कभी कभी प्रोटीन का उपयोग गलत भी साबित होता है ऐसा जब होता है जब आप अननेचुरल तरीके से लिमिट से ज्यादा प्रोटीन का उपयोग करेंगे जो कि ओवरलोड आपके लीवर पर होगा जिसके कारण लीवर डैमेज हो सकता है तो इसे लिमिट से ज्यादा नहीं रहना चाहिए। प्रोटीन को छोटी-छोटी टुकड़ो में लें। एक बार 20-40 ग्राम प्रोटीन लें और दिन में 4-6 मील्स में लें। ऐसा करने पर पूरा प्रोटीन सही से बॉडी में अबशोषित हो पायेगा। प्रोफेशनल एथिक्स फॉर बॉडी बिल्डर प्रोटीन का उपयोग 1 मील में 40 ग्राम से ज्यादा नहीं लेते हैं।


Which Form Of Protein Is Best? कौन सा प्रोटीन सबसे अच्छा होता है?


प्रोटीन के बहुत से स्रोत है जैसे की मॉस, मछली, दूध, नुट्स और दालें। इसके एमिनो एसिड प्रोफाइल, फैट, कार्ब्स और डिजेशन रेट को देख कर ही और अपनी जरुरत के हिसाब से प्रोटीन चुना जाता है। इनमे से दूध, मॉस और मछली की पूर्ण प्रोटीन स्रोत माना जाता है।
व्हेय प्रोटीन सुप्पलीमेंट पाउडर सबसे अच्छा प्रोटीन सुप्प्लिमेंट होता है जो की नैचुरली दूध से बनता है। इसका डाइजेस्टिव रेट फ़ास्ट होता है। इस लिए इसे पोस्ट वर्कआउट उपयोग किया जाता है। व्हेय प्रोटीन भी आप अपनी जरुरत के अनुसार चुन सकते है। इसमें कार्ब्स, फैट और लैक्टोस की मात्रा कम और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है।

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