Benifits of running shoes | दौड़ वाले शूज / जूतों के फ़ायदे

अगर आप एक धावक हैं तो running shoes की महत्वता को अच्छे से जानते होंगे। running shoes धावकों का सबसे बड़ा साथी होता है। जो की उसको अच्छे से बिना चोटिल हुए दौड़नें में मदद करता है। running shoes के क्या क्या फायदे होते है आज हम इस पोस्ट से जानेंगे।


What Are the Benefits of Running Shoes? दौड़ वाले जूतों के क्या फायदे हैं


Running shoes के बहुत से फायदे हैं जिसमे shoes high pressure और बजन को कम करता है, और फैफड़ों के साँस लेने की capacity को बढ़ाता है। running shoes runners के जरूरी tools में से एक है। running shoes में मौजूद cushioning और arch support न केवल running के performance को बढ़ाता है बल्की दौड़ में कई तरह की चोटों से बचाता है ।

दौड़ वाले जूतों दौड़ की दक्षता (efficiency) को बढ़ाता है


Running shoes खास धावकों के लिए डिज़ाइन किये जाते हैं। जिस से यह धावकों को दौड़ के दौरान momentum प्रदान कर सकें। ये shoes बजन में हलके और लचकदार होते है। जिस से दौड़ के दौरान कम ताकत और ऊर्जा को व्यय किये तेज दौड़नें में मदद करता है। इसके शूज में जरूरत के हिसाब से शोल तैयार किया जाता है। जिस से रनर को comfertable महसूस होता है।

दौड़ वाले जूतों पैरो को सुरक्षा प्रदान करते है


रनिंग शूज में पैरो को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। धावकों को कई तरह की चोटें सिर्फ गलत शूज के इस्तेमाल से होती है। और यदि आप अपने पेर और रनिंग के स्टाइल के हिसाब से जूता चुनते हैं तो आप को चोटें आने की सम्भावना बहुत ही कम हो जाती हैं। जब दौड़ लगाते है तो बॉडी के बजन से 2.5 गुना ज्यादा बजन पैरो पर पड़ता है। जिस से shin splints, ankle pain और मसल्स calf pain जैसी समस्याएं सामने आती है। और ज्यादा टाइम तक इन समस्यायों से मसल्स फ्रैक्चर तक हो सकता है। और इन्हें आप एक अच्छे running shoes के माध्यम से दूर कर सकते हैं। क्यों की running shoes पैरों पर पड़ने वाले shock (झटके) को absorb कर लेता है।


दौड़ वाले जूतों से पैर अंदर की ओर नही मुड़ते


Overpronation अक्सर उन धावकों के साथ होता है जिनको फ्लैट फुट की प्रॉब्लम होती है। ऐसी स्तिथि में दौड़ के दौरान पंजा अंदर की तरफ जुकता है। जिस से shin splints, knee pain और कई तरह की समस्याएं आती हैं। इसके लिए आपको एक अच्छा running शूज लेना चाहिए जिसमें अंदर की तरफ midsole में extra support लगा होता है जिस से पैर स्थिर (stable) होगा और overpronation की समस्या नहीं होगी।

दौड़ वाले जूतों से पैर बाहर की तरफ नही मुड़ते


Supination की समस्या उन धावकों के साथ होती है जिनके पंजे में ज्यादा gaip (खाली जहग) होती है। जिस से पर्टिकुलर एक जहग पूरा बजन गिरता है और पैर बाहर की तरफ जुकने लगता है। हड्डियों पर ज्यादा जोर पड़ता है। साधारण जूते उस स्ट्रेस को absorb नही कर पाते। ऐसे धावकों के पैर जल्दी थक जाते हैं। और ऐसी स्तिथि में running शूज़ के में midsole पर सॉफ्ट cushioning उस स्ट्रेस को absorb कर पैरो को थकने से बचाते हैं। इन शूज का बीच का शोल कड़क और आगे पंजो पर लचकदार होता है जिस से आप देर तक और तेज दौड़ सकें।

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